फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Anurag Thakur says Kashmiri Pandits to be back in Kashmir

घाटी में कश्मीरी पंडितों को विस्थापित करने की फिर उठी मांग, भाजपा नेता ने कही ये बात

Sun, 19 Jan 2020 09:43 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Sun, 19 Jan 2020 09:43 PM IST
विज्ञापन
Anurag Thakur says Kashmiri Pandits to be back in Kashmir
कश्मीरी पंडितों को विस्थापित करने की मांग - फोटो : ANI

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीरी पंडितों ने घाटी में दोबारा से विस्थापित करने की मांग की है। कश्मीर से बाहर निकाले जाने वाले दिन को याद कर रविवार को जंतर-मंतर पर कश्मीरी पंडित बड़ी संख्या में एकत्र होकर उस दिन को याद कर भावुक हो गए। कश्मीरी पंडितों ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

विज्ञापन


कश्मीरी समिति के अध्यक्ष सुमीर छरंगू ने संबोधित करते हुए कहा कि 19 जनवरी, 1990 को कश्मीरी पंडितों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर कर दिया गया था। उस वक्त कश्मीर में सरेआम भड़काऊ नारे गूंजा करते थे। उन आवाजों को सुनकर कश्मीरी पंडितों ने दहशत में काफी वक्त गुजारा है। 
विज्ञापन


मौजूदा केंद्र सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर समाज को न्याय दिलाने का काम किया है। हालांकि जम्मू में कैंप में रह रहे कश्मीरियों के लिए अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस दौरान सभा में संजय कौल, विजय भट्ट, विजय रैना सहित भारी संख्या में युवा उपस्थित रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अनुराग ठाकुर बोले वे सब कुछ खो चुके हैं

इधर, भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कश्मीरी पंडितों को विस्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों के विस्थापित के लिए यह सही समय है। वे न केवल समय बल्कि जीवन में सब कुछ खो चुके हैं। वे जिस हालात से गुजरे उसके लायक नहीं थे लेकिन अब उन्हें उम्मीद है। 
 




बता दें कि घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए 19 जनवरी प्रलय का दिन माना जाता है, क्योंकि वर्ष 1990 में हालात बिगड़ने के कारण इसी तारीख में कश्मीरी पंडित समुदाय ने कश्मीर घाटी से पलायन करना शुरू कर दिया था।

मई 1990 तक करीब पांच लाख कश्मीरी पंडित जान बचाने के लिए अपनी मातृभूमि को छोड़ कश्मीर से पलायन कर चुके थे, जो स्वतंत्रता के बाद भारत का सबसे बड़ा पलायन माना जाता है। इसी के चलते हर वर्ष 19 जनवरी को जहां कहीं भी कश्मीरी पंडित रहते हैं, वहां वह इस तारीख को ‘होलोकॉस्ट/एक्सोडस डे’ (प्रलय/बड़ी संख्या में पलायन की तारीख) के तौर पर मनाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed