देशविरोधी नारेबाजी से कन्हैया का संबध नहीं, खालिद ने बुलाए थे नारेबाज
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जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले आरोपियों से जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का कोई संबंध नहीं है। कन्हैया ने न तो आरोपियों को अपने मोबाइल से फोन किया था और न ही मैसेज किए थे।
न ही कन्हैया ने उन्हें जेएनयू बुलाया था। ये कन्हैया की मोबाइल की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है। हालांकि कन्हैया के मोबाइल की रिपोर्ट को एक बार फिर फोरेंसिक लैब भेजा गया है।
पुलिस ने बारीकी से जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि उमर खालिद की मोबाइल की जांच व तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि खालिद ने ही देश विरोधी नारे लगाने वाले आरोपियों को जेएनयू बुलाया था।
मामले में कई और छात्रों को बनाया जा सकता आरोपी
खालिद ने आरोपियों को अपने मोबाइल से कॉल किया था और मैसेज भी किए थे। खालिद ई-मेल के जरिये भी नारे लगाने वाले आरोपियों से जुड़ा हुआ था। स्पेशल सेल की जांच में ये स्पष्ट हो गया है कि खालिद का जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वालों से सीधा संबंध था।
ऐसे में अब पुलिस उमर खालिद को मुख्य आरोपी बना सकती है। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस जेएनयू के कई छात्र नेताओं को आरोपी बना सकती है।
पुलिस ने जेएनयू के चार छात्र नेता उमर खालिद, अनिर्बान, कोमल और अस्वाति की हैंडराइटिंग के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। पुलिस इनकी हैंडराइटिंग के नमूनों से उस फॉर्म की हैंडराइटिंग से मिलाना चाहती है जो जेएनयू में देशविरोधी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जेएनयू प्रशासन को भेजा गया था।