ओला-उबर को एक और मौका, लाइसेंस के लिए फिर देना होगा आवेदन
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राजधानी की सड़कों पर करीब आठ महीने बाद अवैध रूप से चल रही मोबाइल ऐप बेस्ड टैक्सी सेवा देने वाली कंपनी ओला, उबर को एक और मौका मिलने जा रहा है। लाइसेंस के लिए परिवहन विभाग और ओला, उबर आमने-सामने बैठकर समस्या का हल निकालेंगे।
वह ऐसा कोर्ट के निर्देश पर कर रहे हैं। बातचीत से समाधान के बाद लाइसेंस पाने के लिए ओला, उबर को फिर से आवेदन करना होगा। क्योंकि परिवहन विभाग इनके पुराने आवेदन को बीते साल अगस्त में ही रद्द कर चुका है।
दरअसल, दोनों कंपनियां राजधानी में बिना किसी लाइसेंस के सेवाएं दे रही हैं। सरकार की ओर से बार-बार नोटिस देने के बाद भी यह रेडियो टैक्सी स्कीम के तहत तय नियमों को मानने को तैयार नहीं हैं।
कोर्ट के दखल के बाद दोबारा एक मौका दिया गया
जनवरी 2015 के बाद सरकार ने ओला, उबर के आवेदनों में कमियों को लेकर कई बार नोटिस किया। यही नहीं पहले जून में आवेदन को रद्द किया पर कोर्ट के दखल के बाद दोबारा एक मौका दिया गया।
फिर भी वे जरूरी अनिवार्यता पूरी नहीं कर पाए। इसी के चलते सरकार ने अगस्त 2015 में दोनों कंपनियों के आवेदन को रद्द कर दिया था।
उसके बाद दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर दोनों कंपनियों के मोबाइल ऐप को बंद करने की भी सिफारिश कर दी थी।
ओला, उबर को नए सिरे से आवेदन करना होगा
अब आवेदन रद्द होने के करीब आठ महीने बाद फिर से कोर्ट के दखल पर परिवहन विभाग और ओला, उबर आमने-सामने बैठकर समस्या का हल निकालेंगे।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो लाइसेंस को लेकर कोर्ट के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एक बैठक होनी है। बैठक में लाइसेंस देने को लेकर आ रही समस्या को सुलझाया जाएगा।
अधिकारी की मानें तो बैठक में कुछ भी तय हो लेकिन लाइसेंस पाने के लिए ओला, उबर को फिर नए सिरे से आवेदन करना होगा। क्योंकि पुराने आवेदन को रद्द किया जा चुका है। उन आवेदन पर दोबारा विचार नहीं किया जा सकता है।