अन्ना आंदोलन पार्ट 2: ऐसी सरकार लिए मरना नहीं, देश के लिए जीना हैं हमें
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सत्ता बदलने से नहीं बल्कि समाज में परिवर्तन लाने से देश बदलेगा। सत्ता तो आती जाती रहती है। सरकार जनता से डर रही है, इसलिए राजस्थान, हरियाणा और पंजाब से किसानों को बीच में ही रोका जा रहा है। अनशन के दूसरे अन्ना हजारे ने लोगों को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने ने कहा कि आंदोलन सरकार को गिराने के लिए नहीं है, लेकिन अगर सरकार गिर जाती है तो उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं।
अन्ना ने साफ कर दिया कि जब तक राज्यों और केन्द्र में कृषि मूल्य आयोग को स्वायत्ता प्रदान नहीं की जाती, तब तक आंदोलन बंद नहीं किया जाएगा। आंदोलन के बीच एक समर्थक के बेहोश होने पर अन्ना बोले कि ऐसी सरकार के मरना क्यों, देश के लिए जीना है।
शनिवार को उन्होंने कहा कि सरकार इसी सत्र में सशक्त लोकपाल को मंजूरी दे और अगर सशक्त लोकपाल को लागू करने के लिए सत्र की अवधि भी बढ़ानी पड़े तो बढ़ाई जाए। अन्ना से कहा सरकार को नए लोकपाल को लाना ही होगा, अन्यथा सत्याग्रह जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से आई रिपोर्ट से पता लगा है कि जिन किसानों को दिल्ली में दाखिल नहीं होने दिया जा रहा, उन्होंने अपने क्षेत्रों में ही आंदोलन करने की तैयारी कर ली है, ताकि सरकार को चारों तरफ से घेरा जा सके। अन्ना ने कहा कि कुछ समर्थक बसों को रोक दिए जाने की स्थिति में पैदल चलकर भी दिल्ली पहुंचे हैं।
सरकार बर्खास्त कर आंदोलन में शामिल हो सकते हैं केजरीवाल
स्टेज पर बेहोश हुआ समर्थक
मध्यप्रदेश के बीना से अन्ना के समर्थन में रामलीला मैदान पहुंचे किसान नेता भरत सेन की आंदोलन के दूसरे दिन तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने दिल्ली पहुंचने से पहले से अन्न और जल त्याग दिया था। उन्हें लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने समर्थक की हालत स्थिर बताई है।
महिला किसानों ने तिरंगा साड़ी पहनकर किया समर्थन
उन्नाव, लखनउ और रायबरेली से आर्दश वीरांगना गरीब सेवा परिवार गैर सरकारी संगठन के नेतृत्व में महिला किसान सत्याग्रह में शामिल होने पहुंची हैं। तिरंगे साड़ी में पहुंची महिलाओं ने किसानों के हक की इस लड़ाई में उनका समर्थन की बात कही।
सरकार बर्खास्त कर आंदोलन में शामिल हो सकते हैं केजरीवाल
प्रेसवार्ता में एक सवाल का जवाब देते हुए अन्ना बोले कि अरविंद केजरीवाल उनके साथ होते तो वह भी बदनाम होते। अन्ना ने कहा मुझे उम्मीद है कि पिछले आंदोलन के बाद हुई गतिविधियों के बारे में केजरीवाल माफी नहीं मांगेंगे। लेकिन अगर केजरीवाल अपनी सरकार बर्खास्त करके राजनीति से दूर रहने का शपथ पत्र भरते हैं तो मंच पर उनको आने की अनुमति है।
हार्दिक पटेल आएं, लेकिन नहीं चलेगा भाषण
हार्दिक पटेल के आने की खबर के बारे में अन्ना ने कहा कि हार्दिक पटेल बेशक आएं, लेकिन वह उनसे स्टेज पर नहीं मिलेंगे, आराम कक्ष में मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के मंच से हार्दिक का भाषण नहीं होगा। अगर उन्हें इन शर्तों पर सत्याग्रह में आना है तो वह आ सकते हैं।
16 हजार रुपये से रखी आंदोलन की नींव
अन्ना ने कहा कि अब से दो महीने पहले उनके संगठन के खाते में महज 16 हजार रुपये थे, लेकिन फिर भी इतने बड़े सत्याग्रह की तैयारी हो गई। उन्होंने कहा कि अगर मैं पैसे इकट्ठे करता तो करोड़ों होते मेरे खाते में, लेकिन मुझे 2 नंबर के पैसे कबूल नहीं। अन्ना बोले उनके सत्याग्रह को कर्मठ कार्यकर्ताओं का समर्थन हासिल है।
दो दिनों में 2.2 किलो घटा अन्ना का वजन
अनशन के दूसरे दिन जारी हेेल्थ बुलेटिन में डॉ. धनंजय ने बताया कि दो दिन में अन्ना का वजन दो किलो घटकर 72.1 किलो हो गया। रिपोर्ट में ब्लेड प्रेशर में आ रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए उन्हें आराम की सलाह दी गई है।
दूसरे दिन भी अन्ना से नहीं मिल पाया मासूम कृष्णा
11 साल का राजेश उर्फ कृष्णा अपने माता-पिता के साथ दूसरे दिन शनिवार सुबह से ही अन्ना से मिलने का इंतजार करता रहा, लेकिन वह अन्ना से नहीं मिल सका। कृष्णा बचपन से ही एक ऐसी बीमारी से ग्रसित है, जिसका कोई इलाज ही नहीं है।
बेटे के बेहतर इलाज की उम्मीद को लेकर परिवार अन्ना से मिलने की कोशिश कर रहा है। अन्ना के स्वयंसेवकों ने अन्ना के स्वास्थ्य की बात कहकर बच्चे को फिर से बाद में मिलाने की बात कही है।