अंकित सक्सेना के घर इफ्तार में क्या-क्या हुआ, किसने किया सारा इंतजाम पढ़ें पूरी खबर
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अंकित के पिता यशपाल सक्सेना का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को जरूर खोया है, लेकिन वह देश और किसी बेटे या बेटी के साथ ऐसा नहीं होने देना चाहते। कहा कि लोगों की संकीर्ण सोच को बदलने के लिए उन्होंने रमजान के पवित्र महीने में रोजेदारों को इफ्तार पार्टी देने का निर्णय लिया था। हालांकि जिस परिवार का खाना पीना खुद पड़ोसियों के सहारे चल रहा हो वो इफ़्तार कैसे दे सकते हैं?
15 दिन पहले ये बात अंकित के पिता के दिमाग में आई लेकिन जो कुछ तैयारी की गई वह अंकित सक्सेना ट्रस्ट द्वारा की गई जो अंकित के दोस्त चलाते हैं। रविवार को यह इफ्तार पार्टी अंकित के घर के बाहर ही रखी गई, जिसमें करीब 200 रोजेदारों ने शामिल होकर अपना रोजा खोला। अंकित के मौसेरे भाई आशीष दुग्गल ने बताया कि समाज की सोच बदलने के लिए उसके परिवार और दोस्तों ने मिलकर अंकित सक्सेना ट्रस्ट का बनाया है।
इसी ट्रस्ट के नेतृत्व में रोजा इफ्तार पार्टी रखी गई। इनमें से ज़्यादातर अंकित के दोस्त और पड़ोसी थे। कोई तरबूज़ की थाली लेकर दौड़ रहा था तो कोई शरबत। पैरों में चप्पल नहीं थी लेकिन सबने एक जैसी टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर अंकित की तस्वीर छपी थी। बताया कि बेशक अंकित आज उनके बीच नहीं है, लेकिन वह उसके हर चाहने वाले के दिल में जीवित है। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि लोग जाति-धर्म की संकीर्ण सोच से बाहर निकलकर मानवता का धर्म अपनाएं ताकि फिर कोई परिवार ऐसी घटना का शिकार न हो।
गौरतलब है कि दूसरे धर्म की लड़की से प्यार करने के कारण इसी वर्ष फरवरी में अंकित सक्सेना की लड़की के परिवार वालों ने गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद अंकित को न्याय दिलाने के लिए रघुबीर नगर इलाके में भारी जन सैलाब उमड़ा था।