पुलिस की नाकामी के बाद अंकित चौहान हत्याकांड की जांच सीबीआई के हवाले
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंकित चौहान हत्याकांड की जांच सीबीआई के हवाले कर दी है। अदालत ने सीबीआई निदेशक को तत्काल जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि केंद्रीय एजेंसी तीन माह के भीतर काम पूरा करने की कोशिश करे।
कोर्ट ने एसएसपी गौतमबुद्ध नगर को आदेश दिया है कि वह अंकित चौहान, पत्नी अमीषा चौहान व उसके पिता श्रीनिवास और दोस्त गगन की कॉल डिटेल सीबीआई को उपलब्ध कराएं। नोएडा पुलिस इस सनसनीखेज मामले में एक साल भी कुछ नहीं कर पाई है, जिस पर हाईकोर्ट को यह कदम उठाना पड़ा।
मूलरूप से मेरठ निवासी अंकित (27) पुत्र धर्मवीर चौहान सेक्टर-77 स्थित प्रतीक विस्टिरिया अपार्टमेंट में अमीषा के साथ रहता था। 13 अप्रैल 2015 को अंकित का अवकाश था और अमीषा सेक्टर-135 स्थित अपने ऑफिस गई हुई थी।
युवकों ने राइट साइड से ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया
दोपहर ढाई बजे अंकित दोस्त गगन को लेकर अमीषा के पास लंच करने पहुंच गया। वापसी में अंकित व गगन फॉरच्यूनर गाड़ी से लौट रहे थे। सेक्टर-135 क्रास करते ही अंकित ने बैक मिरर में देखा कि कोई सफेद होंडा एकार्ड से उसका पीछा कर रहा है।
उसने यह बात गगन को भी बताई। गाड़ी अंकित ड्राइव कर रहा था और साइड की सीट पर गगन बैठा हुआ था। जैसे ही दोनों सेक्टर-76 स्थित सिलीकॉन सिटी के पास पहुंचे कार सवार दो युवकों ने राइट साइड से ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया।
जब तक अंकित व गगन कुछ समझ पाते, तब तक एकार्ड में से एक युवक उतरा और पिस्टल से अंकित पर एक गोली चला दी। गगन को ड्राइव करना नहीं आता था।
नोएडा पुलिस मेरे बेटे के हत्यारों को नहीं पकड़ सकी
उसने एक व्यक्ति से मदद मांगी और अंकित को लेकर शिवालिक अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताया। इसके बाद अंकित को लेकर गगन सीधा कैलाश अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में परिजनों ने सेक्टर-49 थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच सेक्टर-49 थाने से लेकर एसटीएफ के धुरंधरों तक ने की, लेकिन पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इस पर परिजनों ने 28 अक्तूबर को कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की।
नोएडा पुलिस मेरे बेटे के हत्यारों को नहीं पकड़ सकी। पुलिस ने समय बर्बाद किया है। मुझे नोएडा पुलिस कभी न्याय नहीं दे पाती। कोर्ट के फैसले से थोड़ी राहत मिली है। आशा है कि सीबीआई जल्द केस का खुलासा करेगी।
- धर्मवीर सिंह चौहान, अंकित के पिता