फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Angry high court  said more friendship between officials and hospitals is not appropriate

हाईकोर्ट नाराज, कहा- अधिकारियों और अस्पतालों के बीच अधिक दोस्ती उचित नहीं

Fri, 26 Jun 2020 05:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली   Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 26 Jun 2020 05:29 AM IST
विज्ञापन
Angry high court  said more friendship between officials and hospitals is not appropriate
Delhi high-court

दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्पतालों में बेड ना होने का बहाना करके मरीजों को इलाज न करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई के लिए केन्द्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अस्पतालों और सरकारों के बीच की सांठ गांठ पर पीठ ने नाराजगी जताई और कहा कि सरकार और अस्पतालों के बीच ज्यादा दोस्ती उचित नहीं है।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले की सुनवाई करते हुए केन्द्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किए। इस दौरान पीठ ने कहा कि केन्द्र और दिल्ली दोनों सरकारों को अपने प्रशासन को मजबूत बनाने और दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों को कोविड19 महामारी के समय में पर्याप्त इलाज मुहैय्या हो सके। 
विज्ञापन


इस दौरान एमिकस क्यूरी आम प्रकाश ने पीठ को सूचित किया कि आरएमएल अस्पताल, जीटीबी अस्पताल, अपोलो अस्पताल और सरोज अस्पताल अपने यहां उपलब्ध बेड की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इनमें से एक अस्पताल ने बेड ना होने की बात कहकर मरीज को भर्ती करने से इनकार भी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एमिकस क्यूरी द्वारा दी गई जानकारी पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार की खिंचाई की और कहा कि सरकार के अधिकारियों को ये खामियों क्यूं नहीं दिखती जो एमिकस क्यूरी ने बताई हैं। इसके साथ ही पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति में अस्पतालों के साथ अधिकारियों की बहुत दोस्ती अच्छी बात नहीं है।’’ पीठ ने इसके साथ ही सरकारों को निद्रेश दिया कि अधिकारियों के प्रति सख्त रहें। लापवाही बरतने वाले अधिकारियों को बदले दें अन्यथा पीठ उन्हें बदल देगी। 


पीठ ने कहा सरकारें लोगों के इलाज के लिए बहुत सारे कदम उठा रही हैं लेकिन जो हालात अस्पतालों के बताए जा रहे हैं उनके आंकड़ों की जांच करवाई जानी चाहिए, चूंकि लोगों की मेहनत से अर्जित सार्वजनिक धन इन सब सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है। पीठ ने कहा की सभी अस्पतालों में बेड की उपलब्धा की जानकारी को सख्ती से अपडेट किया जाए। इसके साथ ही पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई के लिए सूचिबद्ध कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed