अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर लॉकडाउन 4.0 के पहले दिन ही उड़ी नियमों की धज्जियां
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18 मई 2020 यानि लॉकडाउन 4.0 का पहला दिन। बेतहाशा भीड़, जैसे कोरोना का खतरा टल गया हो। इन सबकी परवाह किए बगैर कि सामाजिक दूरी, मास्क, ग्लब्स ये सब क्यों जरूरी हैं, लोग बड़ी संख्या में एकजुट हो गए। एक ओर जहां लॉकडाउन का दौर लंबा खींचता जा रहा है और दूसरी तरफ प्रवासी श्रमिकों की मजबूरी और उनकी घर वापसी की इच्छा भी बढ़ती जा रही है। आज दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर जिस तरह का नजारा देखने को मिला उससे ऐसा लगने लगा है कि क्या हम कभी कोरोना को हरा पाएंगे? देश के हालात और गरीबों की मजबूरी ही नियम-कानूनों, जिम्मेदारियों पर भारी पड़ने लगी है। जब पेट भरने के लिए रोटी ही न हो, आगे का भविष्य अंधकार भरा दिख रहा हो तो नियम भला किसे याद रहते हैं। सरकारी वायदों और व्यवस्था के भरोसे गरीब कबतक हालात से समझौता करे? यहां जुटी भीड़ देखकर यह भी लगा कि कहीं देश को पीपीटी किट और मास्क से ज्यादा जरूरत प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने की तो नहीं है। कैसा रहा दिल्ली-एनसीआर बॉर्डर पर लॉकडाउन 4.0 का पहला दिन, इसी पर अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट-
गाजियाबादः ट्रेन से जाने के लिए उमड़ा श्रमिकों का सैलाब, 4000 लोगों का हुआ पंजीकरण
गाजियाबाद से आज मजदूरों को लेकर छह रवाना। इनमें यूपी के तीन रूट पर जाने वाली ट्रेनों के लिए श्रमिक कविनगर रामलीला मैदान में जुटे थे, जबकि बिहार जाने वाली तीन ट्रेनों के लिए श्रमिक घंटाघर रामलीला मैदान में एकत्र हुए। इन दोनों ही जगहों पर श्रमिकों की संख्या हजारों में है। वहीं इस मुद्दे पर अब प्रियंका गांधी का ट्वीट आया है जिसमें उन्होंने यूपी सरकार पर मदद न लेने का आरोप लगाया है। और पढ़े...
औरैया हादसे के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर रोके गए पैदल मजदूर, प्रवेश की अनुमति नहीं
औरैया में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर कई प्रवासी मजदूर रोक दिए गए। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि किसी भी हाल में मजदूरों को पैदल, अवैध या असुरक्षित यात्रा करते देखा गया तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। इसके बाद रविवार सुबह गाजीपुर में दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर कई प्रवासी मजदूर रोक दिए गए। यूपी पुलिस उन्हें अपने क्षेत्र में घुसने नहीं दे रही है। इस वजह से बॉर्डर पर काफी भीड़ जमा हो गई है। और पढ़े...
दिल्ली में फंसे मजदूरों को वापस भेजेगी सरकार, शुरू हुआ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
दिल्ली में फंसे प्रवासी मजदूरों और लोगों को दिल्ली सरकार द्वारा उनके घर वापस पहुंचाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। https://epass.jantasamvad.org/train/passenger/ लिंक पर क्लिक कर दिल्ली में फंसे प्रवासी मजदूर और अन्य लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा कर ट्रेन के जरिए अपने राज्यों में जा सकेंगे।
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर इस लिंक को शेयर किया और बताया कि इन ट्रेनों से घर जाने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी को भी ट्रेन में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। और पढ़ें
रेलवे हाईकोर्ट से बोला- मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए सभी तैयारियां पूरी
एक ओर जहां पूरे देश में मजदूर अपने घरों तक पहुंचने के लिए परेशान हैं, वहीं एक अपील की सुनवाई पर रेलवे ने बताया कि मजदूरों को भेजने की उसकी सभी तैयारियां पूरी हैं। प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की मांग वाली याचिका पर रेलवे ने दिल्ली हाईकोर्ट को जवाब दिया है कि रेलवे प्रवासी मजदूरों को दिल्ली से उनके घरों तक पहुंचाने के लिए तैयार है। रेलवे ने कोर्ट को बताया इस संबंध में पहले ही श्रमिक ट्रेनें चलानी शुरू कर दी गई हैं। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने इस याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। इस दौरान रेलवे ने पीठ को बताया कि रेलवे प्रवासी मजदूरों को अन्य राज्यों में स्थित उनके घरों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।