एक्सक्लूसिवः भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अब निलंबन नहीं, पुलिसवालों की सीधे होगी बर्खास्तगी
- निलंबन और चेतावनी के बावजूद पुलिसकर्मियों में सुधार न आने पर एसएसपी सख्त
- विक्रम त्यागी और विक्रम जोशी प्रकरण में खुली दरोगाओं की बर्खास्तगी की फाइल
- पांच पुराने मामलों में भी एसएसपी ने खोली भ्रष्टाचारियों की फाइल
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गाजियाबाद पुलिस में अब भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं। इसके अलावा जघन्य अपराधों में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को भी गंभीर खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि, पुलिस कप्तान ने ऐसे ही भ्रष्टाचारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है।
इसके तहत अब निलंबन नहीं, बल्कि सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने हालिया दो गंभीर प्रकरण विक्रम त्यागी अपहरणकांड और विक्रम जोशी हत्याकांड में लापरवाह दरोगाओं की बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एसएसपी के इस फैसले से जिला पुलिस में खलबली मचनी तय है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अब तक भ्रष्टाचार और संगीन मामलों में लापरवाही की शिकायत पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन और प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई की जाती रही है। इसके बावजूद कुछ पुलिसकर्मी अपने कारनामों से बाज नहीं आ रहे, जिसके चलते पुलिस विभाग की छवि जनता के बीच में धूमिल हो रही है।
लिहाजा, ऐसे पुलिसकर्मियों के प्रति अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। ऐसे पुलिसकर्मियों को अब निलंबित करने के बजाय सीधे बर्खास्त किया जाएगा। विभागीय जांच में भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही के आरोप सिद्ध होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों को नौकरी से निकाला जाएगा।
बर्खास्तगी के कगार पर दो पूर्व चौकी इंचार्ज
विक्रम त्यागी अपहरणकांड : गत 26 जून को राजनगर एक्सटेंशन से बिल्डर विक्रम त्यागी का अपहरण हो गया था। अगले दिन उनकी कार मुजफ्फरनगर के तितावी थानाक्षेत्र में खड़ी मिली थी। इस मामले में मोरटा चौकी के तत्कालीन प्रभारी योगेंद्र सिंह की लापरवाही सामने आई थी, जिसके चलते उन्हें सस्पेंड भी किया गया था। एसएसपी ने योगेंद्र सिंह के खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विक्रम जोशी हत्याकांड : गत 20 जुलाई को विजयनगर थानाक्षेत्र की माता कॉलोनी में पत्रकार विक्रम जोशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना से दो घंटे पहले विक्रम जोशी ने प्रताप विहार चौकी के तत्कालीन प्रभारी राघवेंद्र को कॉल कर मदद मांगी थी, लेकिन उन्होंने तबीयत खराब होने का हवाला देकर कोई कार्रवाई नहीं की। घोर लापरवाही सामने आने पर दरोगा राघवेंद्र को निलंबित किया गया था। अब एसएसपी ने दरोगा की बर्खास्तगी की फाइल भी खोल दी है।
भ्रष्टाचार के पुराने पांच मामलों में भी खोली फाइल
एसएसपी ने भ्रष्टाचार के पांच पुराने मामलों में बर्खास्तगी की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। यह पांचों मामले एसएसपी कलानिधि नैथानी के जिले में तैनात होने से पूर्व के हैं। इन मामलों में सात पुलिसकर्मियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। इन पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेकर धाराओं में खेल करने और बेकसूर लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप हैं। विभागीय जांच में आरोप सही मिलने पर बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
ये हैं आंकड़े
- 45 पुलिसकर्मी अब तक हो चुके हैं निलंबित
- 690 से अधिक पुलिसकर्मी हो चुके हैं लाइन हाजिर
- 180 पुलिसकर्मियों को गंभीर आरोपों में मिल चुकी है मिस कंडक्ट
निलंबन व तमाम चेतावनियों के बावजूद कुछ पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए हैं। इसके अलावा कई मामलों में पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही सामने आई है। ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की जांच कराई जा रही है। जांच में आरोप पुष्ट होने पर उन्हें बर्खास्त किया जाएगा।- कलानिधि नैथानी, एसएसपी