फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Alert: ICUs are the most common and dangerous infections

Alert: आईसीयू में होते हैं सबसे ज्यादा और खतरनाक संक्रमण, बढ़ जाता है मरीज की मौत का खतरा; नियंत्रण जरूरी

Mon, 05 Jan 2026 02:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 05 Jan 2026 02:17 AM IST
सार

ये संक्रमण बहुत खतरनाक होते है, क्योंकि यहां भर्ती मरीज पहले से ही गंभीर रूप से बीमार होते है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही नाजुक होती है।

विज्ञापन
Alert: ICUs are the most common and dangerous infections
demo - फोटो : ANI

विस्तार

अस्पताल में गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा अस्पताल में होने वाले संक्रमणों से होता है। ये संक्रमण बहुत खतरनाक होते है, क्योंकि यहां भर्ती मरीज पहले से ही गंभीर रूप से बीमार होते है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही नाजुक होती है। ये संक्रमण फेफड़ों में निमोनिया, मूत्र मार्ग में इन्फेक्शन, खून में संक्रमण या ऑपरेशन की जगह पर होने वाले संक्रमण के रूप में सबसे आम है। इनमें वेंटिलेटर से जुड़ा निमोनिया सबसे खतरनाक होता है, क्योंकि इससे मरीज के मौत का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है।

विज्ञापन


अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ पूर्वा माथुर ने एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (एएमआर) और अस्पतालों में फैलने वाले इन्फेक्शन को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सबसे ज्यादा और खतरनाक इन्फेक्शन आईसीयू में होते है। आईसीयू एक तरह से इन्फेक्शन का हॉटस्पॉट है। यहां इन्फेक्शन कंट्रोल करना सबसे बड़ी चुनौती है। 
विज्ञापन


डॉ पूर्वा ने बताया कि इन्फेक्शन दो तरह के होते हैं। एक कम्युनिटी में फैलने वाले और दूसरे अस्पतालों से जुड़े। ऐसे में, कम्युनिटी इन्फेक्शन में साफ-सफाई और समय पर जांच की अहम भूमिका होती है। यही अस्पतालों में होने वाले इन्फेक्शन ज्यादा खतरनाक होते हैं, क्योंकि आईसीयू में मरीज गंभीर हालत में होते है। वेंटिलेटर पर रहते हैं और उन्हें हाई डोज एंटीबायोटिक दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संक्रमण पर नियंत्रण सबसे जरूरी
डॉ पूर्वा ने बताया कि जब तक इन्फेक्शन कंट्रोल नहीं किया जाएगा, तब तक एंटीमाइक्रोवियन रेसिस्टेस को रोक पाना संभव नहीं है। अमेरिका जैसे देशों ने 30 से 40 माल पहले ही इन्फेक्शन कंट्रोल करने पर काम शुरू कर दिया, जबकि भारत इसमें पीछे रहा है। हालांकि, अब हालात बदल रहे हैं और केंद्र सरकार इस दिशा में नेशनल प्रोग्राम लाने की तैयारी कर रही है। 


उन्होंने बताया कि पूर्वा माथुर ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल एक्शन प्लान ऑन एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेस जारी किया है। इस योजना के 6 पिलर्स में से तीसरा पिलर इन्फेक्शन कंट्रोल से जुड़ा है। इसके तहत एम्स नई दिल्ली को सहयोगी इंस्टीट्यूट बनाया गया है। यह देश के लिए इन्फेक्शन कंट्रोल कार्यक्रम तैयार करने में मंत्रालय की मदद करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed