{"_id":"9dd57b02a304775a15e6f7a3eb375029","slug":"alert-for-non-tax-payers","type":"story","status":"publish","title_hn":"टैक्स और किराया न देने वाले हो जाएं सावधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टैक्स और किराया न देने वाले हो जाएं सावधान
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 24 Jul 2014 02:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरी दिल्ली नगर निगम विभिन्न टैक्स, फीस व किराया नहीं देने वाले बकाएदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। वह ऐसे लोगों के नाम बारी-बारी से सार्वजनिक करेगी। उनके नाम सबसे पहले नगर निगम अपनी वेबसाइड पर डालेगी।
विज्ञापन
इसके बावजूद भी बकाया राशि जमा नहीं कराने पर उनके नाम समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से प्रकाशित कराए जाएंगे। उसके कई सौ करोड़ रुपये लोगों में फंसे हुए है।
विज्ञापन
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बुधवार को हुई बैठक में बुधवार को प्रॉपर्टी, टैक्स, विभिन्न लाइसेंस की फीस और नगर निगम की प्रॉपर्टी की लाइसेंस फीस व किराया नहीं मिलने पर विचार से चर्चा हुई।
विज्ञापन
इस मौके पर पार्षदों की बातें सुनने के बाद समिति के अध्यक्ष मोहन भारद्वाज ने आयुक्त को निर्देश दिए कि वे बकाया राशि नहीं देने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटे।
उन्होंने कहा कि बकाएदारों के नाम सार्वजनिक किए जाए। पहले उन लोगों के नाम नगर निगम की वेबसाइड पर डाले जिनकी ओर एक करोड़ से अधिक राशि बकाया है। इसके बाद 50 लाख रुपये की बकाया राशि के नाम उजागर करे। इसी तरह अन्य बकाएदारों के स्लैब बनाकर उनके नाम सार्वजनिक करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाए।
इस मौके पर विपक्ष के नेता मुकेश गोयल ने आरोप लगाया कि लैंड एंड एस्टेट विभाग बकाया राशि वसूलने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। इतना ही नहीं, उनके पास लोग किराया देने के लिए आते है तो उनसे रिश्वत मांगी जाती है।
इसी बीच सदन की नेता मीरा अग्रवाल ने कहा कि बकाया राशि वसूलने के लिए नीति बनाई जाए और प्रत्येक विभाग की आय का तय किया जाने वाला लक्ष्य हर हाल में पूरा करने की दिशा में सख्त कदम उठाए जाए।
अपनाई जाएगी थर्ड आई योजना
उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने भी दक्षिण दिल्ली नगर निगम की भांति थर्ड आई नीति अपनाने का फैसला किया है। स्थायी समिति के अध्यक्ष मोहन भारद्वाज ने नगर निगम को भ्रष्टाचार मुक्त करने और लोगों की दिक्कत दूर करने केलिए आयुक्त को योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब किसी भी लापरवाही व शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इस कारण अधिकारी अपने व्यवहार में बदलाव कर लें।