अशुभ होने के डर से कांग्रेस ने रोकीं नियुक्तियां, अजय माकन बने रहेंगे अध्यक्ष
इस्तीफे की अफवाहों के बीच दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने यह साफ किया है कि फिलहाल वह अपने पद पर बने रहेंगे। अजय माकन ने माना कि वे पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हैं। इसी कारण पार्टी को पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं। त्यागपत्र की अटकलों को पूर्ण विराम देने के लिए माकन ने यह जानकारी दी। हालांकि कहा जा रहा है उनकी मदद के लिए नई नियुक्तियां होनी थीं पर शुभ-अशुभ के चक्कर में इस पर रोक लग गई है।
दरअसल श्राद्ध पक्ष शुरू हो जाने की वजह से कांग्रेस किसी भी तरह की नियुक्ति से बच रही है। यही वजह है कांग्रेस बीमार माकन की मदद के लिए उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति नहीं कर रही है। लोग अक्सर श्राद्ध पक्ष में कोई नया काम करने से बचते हैं और इसीलिए कांग्रेस किसी भी तरह की नियुक्ति 9 अक्टूबर के बाद ही कर सकता है।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान त्यागपत्र के संबंध में उठे सवालों का जवाब देते हुए माकन ने कहा वे बीमार हैं और इलाज के लिए विदेश भी गए। ऐसे में पार्टी आलाकमान को बता दिया था कि वे 100 प्रतिशत ठीक नहीं है, ऐसे में पार्टी को समय देना संभव नहीं है। अब पार्टी को निर्णय करना है।
वरिष्ठ नेता भी नहीं चाहते अध्यक्ष पद में बदलाव
माकन ने कहा कि अभी उन्होंने त्यागपत्र नहीं दिया। वे अध्यक्ष हैं और रहेंगे। दरअसल, त्यागपत्र पर उठे सवालों के बाद वे पहली बार खुलकर मीडिया के समक्ष आए थे। जो नया संकेत सामने आ रहा है वो ये कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हाईकमान को बताया कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष बदला गया तो नुकसान हो सकता है।
वहीं दिल्ली के कद्दावर नेता जिसमें लवली और हारून युसूफ भी हैं उन्होंने पार्टी के आलाकमान तक यह बात पहुंचा दी है कि माकन को अध्यक्ष पद पर बने रहने दिया जाए साथ ही आम आदमी पार्टी से भी दूर रहें। इसके साथ ही आलाकमान को यह भी संदेश पहुंचाया गया है कि माकन की अध्यक्षता में दिल्ली कांग्रेस अपने बल पर खड़ी हो रही है। माकन को ही अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहिए।