तेज हवा से बिखरे प्रदूषण के कण, बहुत खराब से खराब की श्रेणी में पहुंचा दिल्ली की हवा
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दिल्ली-एनसीआर में मौसम की वजह से हवा की गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव जारी है। यह खराब से बहुत खराब की श्रेणी में झूल रही है। शुक्रवार को दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों की हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई थी, वहीं शनिवार को तेज हवा से प्रदूषण कणों को बिखरने का मौका मिल गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब से एक पायदान उतरकर फिर से खराब श्रेणी में पहुंच गया है। शनिवार को दिल्ली में आनंद विहार, वजीरपुर, बवाना, जहांगीरपुरी और मुंडका की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड की गई है। जबकि 23 स्थान बहुत खराब व छह स्थान खराब श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक पराली का प्रदूषण बेहद कम होकर एक फीसदी पर पहुंच गया है। वहीं, तेज गति वाली हवा ने प्रदूषण तत्वों को बिखरने में सहयोग किया, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अगले दो से तीन दिन वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
एक्यूआई में 100 अंक से ज्यादा गिरावट
सीपीसीबी के मुताबिक, 24 घंटे के आधार पर शाम 4 बजे तक दर्ज की गई वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई शुक्रवार को 337 दर्ज हुआ था। जबकि शनिवार को यह 249 पर पहुंच गया। इस सप्ताह बृहस्पतिवार को भी दिल्ली का एक्यूआई 273 ही रिकॉर्ड किया गया था। यूपी में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद व हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा गुणवत्ता भी बहुत खराब श्रेणी में ही दर्ज की गई।
पीएम कण में मामूली कमी
सीपीसीबी की ओर से पर्टिकुलेट मैटर पर निगरानी रखने वाले केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का स्तर सामान्य से दो गुना ज्यादा 109 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। जबकि इस सप्ताह मंगलवार को पर्टिकुलेट मैटर 2.5 इमरजेंसी स्तर यानी 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर को पार कर गया था।
पीएम 2.5 का सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर करीब दो गुना ज्यादा 227 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ, जबकि इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।