बच्चों आपके दांतों पर एम्स की नजर: बच्चे दिन में दो बार ब्रश कर रहे हैं या नहीं, बताएगा एप; रिकॉर्ड देगा
एम्स अस्पताल ने हेल्दी स्माइल का एडवांस वर्जन लॉन्च किया है। इससे बच्चे दिन में दो बार ब्रश कर रहे हैं या नहीं। इसपर अब एम्स नजर रखेगा।
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बच्चे दिन में दो बार ब्रश कर रहे हैं या नहीं, इस पर एम्स की नजर रहेगी। एम्स के दंत चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (सीडीईआर) ने हेल्दी स्माइल का एडवांस वर्जन लॉन्च किया है। इसमें बच्चे की 15 दिन तक दो बार ब्रश करने की क्रिया अपलोड होगी। अभिभावकों को उसी दिन सुबह और शाम के समय जानकारी देनी होगी। एप पर जानकारी मिलते ही सूचना तुरंत एम्स को पहुंच जाएगी। इस एप का उद्देश्य बच्चों को दो बार ब्रश करने के लिए प्रेरित करना है।
एम्स के दंत रोग विभाग की डॉक्टर कल्पना बंसल ने कहा कि एम्स में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे खराब दांत के साथ आते हैं। इन बच्चों को दो बार ब्रश करवाने के लिए अभिभावकों को तैयार करना होगा। इसे देखते हुए एप अपग्रेड किया गया है। इस एप में कई नए फीचर हैं। बच्चों को आकर्षित करने के लिए कलरफुल और संगीतमय टार्कर दिया गया है।
ऐसे काम करता है एप
एप में 15 दिन का रिकॉर्ड होता है। इसमें दिन में दो बार टिक के निशान को ओके करना होता है। बच्चा जब सुबह और शाम दोनों समय ब्रश करता है तो उसी समय टिक करते ही जानकारी एम्स के पास पहुंच जाती है। इस एप को कोई भी अपने फोन में अपलोड कर सकता है।
40 फीसदी बच्चों में दिक्कत
डॉ. बंसल ने कहा कि ब्रश न करना, खाने-पीने के समय व वस्तु को लेकर लापरवाही के कारण करीब 40 फीसदी छोटे बच्चों के दांत सड़ने लगते हैं। छोटे बच्चों के दांतों में कैविटी या सड़न होने लगती है। ऐसे बच्चों के माता-पिता को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जब बच्चे का पहला दांत निकलता है, तब से अभिभावकों को ब्रश करना शुरू कर देना चाहिए। ऐसे बच्चों के लिए एप में ब्रश करने की पूरी जानकारी है।
आठ माह के बच्चे के दांत में कीड़े
एम्स में इलाज के लिए आए आठ माह के एक बच्चे के दांत में सड़न देखी गई। डॉक्टरों का कहना है कि दांतों की कैविटी बच्चों पर तेजी से हमला कर रही है, लेकिन नवजात शिशु में दांतों की कैविटी का पता चलना चिंता का विषय होता है। मीठे पेय और बाहर मिलने वाले दूध से नुकसान होता है। यह बचपन में मोटापे का कारण भी बन सकते हैं। बोतल से दूध पिलाना भी एक कारण है। बच्चे दूध पीते समय सो जाते हैं, जिससे उनके मुंह में बैक्टीरिया बनने लगते हैं।