अरुण जेटली की हालत स्थिर, हाल जानने एम्स पहुंचे उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू
- पूर्व वित्त मंत्री जेटली एम्स के आईसीयू में भर्ती
- छाती में दर्द के अलावा सांस लेने में भी तकलीफ
- एम्स की ओर से जारी किया गया हेल्थ मेडिकल बुलेटिन
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विस्तार
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत अब स्थिर है। उन्हें शुक्रवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल वह आईसीयू में भर्ती हैं। जेटली का इलाज एंडोक्रिनोलोजिस्ट नेफ्रोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जेटली को सांस लेने में तकलीफ है और उनके फेफड़ों में पानी भरा हुआ है।
उनका हाल जानने के लिए शनिवार सुबह उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी एम्स पहुंचे। वह सुबह साढ़े सात बजे एम्स पहुंचे और जेटली का इलाज कर रहे डॉक्टरों से उनकी तबीयत की जानकारी ली। नायडू करीब 20 मिनट तक अस्पताल में रहे।
Delhi: Vice President Venkaiah Naidu leaves from All India Institute of Medical Sciences(AIIMS) after visiting former Union Minister Arun Jaitley. The Minister is currently undergoing treatment in the intensive care unit. pic.twitter.com/xdqywttE5q
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 10, 2019
66 वर्षीय जेटली को सांस लेने में तकलीफ व थकान की शिकायत के बाद एम्स लाया गया था। वहां कार्डियक न्यूरो सेंटर में ब्लड सैंपल और यूरिन प्रोफाइल की जांच के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। एम्स ने देर रात बयान जारी कर उनकी हालत को स्थिर बताया है।
एम्स ने हेल्थ मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया है कि उनकी हालत स्थिर है। वह आईसीयू में भर्ती हैं। ब्लड सैंपल और यूरिन प्रोफाइल की रिपोर्ट आने के बाद पूर्व डॉक्टरों ने वित्त मंत्री को भर्ती होने की सलाह दी।
जेटली का इलाज एम्स के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके बहल के अलावा नेफ्रोलॉजी, एंडोक्रॉइनोलॉजी सहित पांच विभागों के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम रही है। एम्स के पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों ने जांच के दौरान उनके फेफड़ों में पानी भरने का पता लगाया है। इसके लिए पूर्व वित्त मंत्री को एंटीबायोटिक दवाओं की डोज देना शुरू कर दिया गया है।
देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत पक्ष-विपक्ष के कई नेताओं ने एम्स पहुंचकर जेटली का हालचाल जाना। बता दें कि पिछले साल मई में जेटली की किडनी का प्रत्यारोपण हुआ था, तब से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब है। इस साल मई में भी उन्हें एम्स में भर्ती होना पड़ा था।
जेटली की हो चुकी है गैस्ट्रिक सर्जरी
बताया यहां तक जाता है कि किडनी प्रत्यारोपण के दौरान टीम में एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग का एक भी डॉक्टर नहीं था। जनवरी 2019 पूर्व वित्त मंत्री को सारकोमा (फेफड़ा) में सॉफ्ट टिश्यू मिले थे। इसे लेकर उन्हें न्यूयार्क के डॉक्टरों की सलाह लेनी पड़ी थी। इसके बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है।
डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीने से आइसोलेशन में रह रहे हैं। बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायतें दे रखी हैं। इसीलिए उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। तब से अरुण जेटली आइसोलेशन में रह रहे हैं।
उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।
कई महीने से रह रहे हैं आइसोलेशन में
उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।