एम्स ने ठुकराया रिटायरमेंट आयु सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव
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नई दिल्ली में सोमवार को एम्स की संस्थागत शाखा ने एम्स के टीचिंग फैकल्टी और डायरेक्टर की रिटायरमेंट आयु को 65 से 70 साल तक बढ़ाने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
सूत्रों के अनुसार इस बड़े फैसले को अब आने वाली नई सरकार के निर्णय पर छोड़ दिया गया है। एम्स के प्रस्ताव के अनुसार रिटायरमेंट की आयु इसलिए बढ़ाने की मांग है ताकि प्रशासन में स्थिरता लाई जा सके और विकास कार्यों को करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
ये भी कहा जा रहा है कि रिटायरमेंट की उम्र को 65 से 70 साल किए जाने की एक और वजह अनुभवी फैकल्टी का न होना है। इसी के चलते ये प्रस्ताव लाया गया है।
कुछ खास लोगों के लिए लिया गया था फैसला
सूत्रों की खबरों के अनुसार कई फैकल्टी मेंबरों ने रिटायरमेंट की आयु बढ़ाने वाले प्रस्ताव का विरोध इसलिए किया क्योंकि उनका आरोप है कि ये फैसला चुनाव के आखिरी दिन और नई कैबिनेट के बनने से पहले लिया गया है जिससे कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके।
एम्स के सर्वोच्च निर्णायक मंडल आईबी की मीटिंग एम्स के डायरेक्टर द्वारा बुलाई गई थी और इसे स्वास्थ्य मंत्री ने अप्रूव किया था, जो एम्स के प्रेसीडेंट भी हैं। सूत्रों के अनुसार रिटायरमेंट की आयु निर्धारित करने के लिए बनाई गई कमेटी का गठन एम्स में हुई कोटा विरोधी हड़ताल में शामिल लोगों की पहचान के लिए भी हुआ था।
पर रिटायरमेंट की आयु वाले प्रस्ताव को लेकर फैकल्टी मेंबर के विरोध के बाद इस प्रस्ताव को वापस ले लिया। हालांकि एम्स की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में ये बात स्पष्ट हो गई कि नर्सिंग में सहायक प्रोफेसर/लेक्चरर पोस्ट पर भर्ती स्थायी समिति की सुझाव पर ही होगी।