एम्स करेगा खोज: अगर आप करते हैं धूम्रपान... उम्र है 50 के पार तो AIIMS को है आपकी तलाश, लोगों से की अपील
दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स फेफड़ों के कैंसर के प्रारंभिक निदान के लिए अध्ययन करेगा। इसके लिए एम्स को धूम्रपान करने वाले 50 साल से अधिक उम्र के लोगों की तलाश है। साथ ही लोगों से अपील भी की है।
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देश में तेजी से बढ़ते फेफड़ों के कैंसर की पकड़ को आसान बनाने के लिए एम्स शोध करेगा। इस शोध में मरीजों को शामिल करने के लिए एम्स ने धूम्रपान करने वाले 50 साल से अधिक उम्र के लोगों से अध्ययन में शामिल होने की अपील की है।
इस शोध को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों पर लो डोज सीटी स्कैन को लेकर एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत जांच की जाएगी। पल्मोनरी क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि फेफड़ों का कैंसर देश में तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल भारत में करीब एक लाख मामले सामने आए। लास्ट स्टेज में इसकी पकड़ होने के कारण मरीज औसतन 8.8 महीने ही जीवित रह पाते हैं।
इस समस्या को देखते हुए एम्स के पल्मोनरी क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन विभाग ने धूम्रपान करने वाले मरीजों में शुरुआती चरण में फेफड़ों के कैंसर का पता लगाने के लिए पायलट अध्ययन शुरू किया है।
इस अध्ययन के दौरान मरीजों में छाती लो डोज सीटी स्कैन किया जाएगा। यह पूरी तरह से निशुल्क होगा। इस अध्ययन का हिस्सा बनने वाले इच्छुक व्यक्ति एम्स से संपर्क कर सकते हैं। इनमें उन्हीं लोगों की जांच होगी जो अत्यधिक धूम्रपान करते हो और उनकी उम्र 50 साल से अधिक हो। ऐसे व्यक्ति सोमवार से शनिवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक एम्स में 9821735337 फोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।