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महिला के शरीर से निकला एशिया का सबसे बड़ा ट्यूमर

Wed, 04 Mar 2015 11:59 PM IST
Updated Wed, 04 Mar 2015 11:59 PM IST
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AIIMS doctors made a news record in the field of surgery

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) के सर्जिकल ऑनकोलॉजिस्ट के डॉक्टरों ने युवा महिला के अंडाशय से एशिया के सबसे बड़े टेराटोमा (ट्यूमर का नाम) को निकालकर कीर्तिमान बनाए।

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ट्यूमर का साइज बेहद बड़ा था और अंडाशय के बीच होने के चलते उसे निकालना बेहद जटिल था। एक जरा सी लापरवाही से मरीज की जान जा सकती थी। डॉक्टरों के आठ घंटे की मेहनत ने जहां मरीज को नया जीवन दिया।
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वहीं, ऑपरेशन के चलते पेशाब की थैली कटने से छोटी आंत से नई थैली का निर्माण करते हुए उसे सामान्य जीवन जीने का तोहफा भी दिया है।

ज्ञात हो कि अमर उजाला ने चार मार्च के अंक में एम्स के डॉक्टरों के इस इतिहास को रचने का समाचार प्रकाशित किया था। इसका जिक्र भी बुधवार को किया गया।

सौ में से दो से सात फीसदी में टयूमर की आशंका

AIIMS doctors made a news record in the field of surgery

सर्जिकल ऑनकोलॉजिस्ट के डॉक्टर एमडी रे के मुताबिक, मरीज 22 दिसंबर को एम्स पहुंचा था। उसकी जांच के बाद ऑपरेशन जल्द करने का निर्णय लिया गया, क्योंकि ट्यूमर का साइज लगातार बढ़ता जा रहा था, जिससे मरीज की जान जा सकती थी।

इसी को देखते हुए ऑपरेशन प्लान किया गया। 26 फरवरी को आपरेशन हुआ था और मरीज की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। बुधवार को मरीज को पहली बार तरल आहार दिया गया।

डॉ. रे के मुताबिक, शरीर में जर्मसेल होता है। हालांकि सौ लोगों में से महज दो से सात फीसदी में ही जर्मसेल एक्टिव होता है। या यूं कहें कि एग्रेसिव हार्मोन से भी जाना जाता है। जोकि 15 से 35 आयु वर्ग के बीच युवाओं को ही अपनी पकड़ में लेता है।

एनेस्थीसिया के डॉक्टरों ने भी की मदद

AIIMS doctors made a news record in the field of surgery

डॉ. रे के मुताबिक, सर्जिकल ऑनकोलॉजिस्ट टीम में दो सीनियर रेजीडेंट डॉ. भरत व डॉ. तपन ने सहयोग दिया। जबकि एनेस्थीसिया टीम में डॉ. विनोद, डॉ. सोफिया मौजूद रहीं।

ऑपरेशन की खास बातें
.ट्यूमर निकालने के दौरान करीब एक से डेढ़ लीटर खून बह गया, जिसके चलते मरीज को छह बोतल खून की चढ़ाया गया।
. ट्यूमर को निकालने के चलते पेशाब की थैली भी निकालनी पड़ी।
. छोटी आंत से डॉक्टरों ने पेशाब की थैली का निर्माण किया और बाद में दोबारा उसे पेशाब की नली से जोड़ दिया गया।
.इस दौरान बड़ी आंत का कुछ हिस्सा कट गया था, जिसे बाद में रेक्टम से जोड़ दिया गया।
. अंडाशय में ट्यूमर होने के चलते गर्भाश्य को भी निकाल दिया गया, जोकि बेहद जरूरी था। हालांकि महिला अब बच्चे नहीं जन सकती है, लेकिन मैरीड लाइफ ठीक चल सकेगी।

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