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किसी भी अदालत में टेली साक्ष्य दे सकेंगे एम्स के डॉक्टर

Mon, 08 Jul 2019 06:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 08 Jul 2019 06:14 AM IST
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AIIMS doctor can provide tele-evidence in any court
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अब देश की किसी भी अदालत में दिल्ली से ही एम्स के डॉक्टर साक्ष्य पेश कर सकेंगे। कई वर्षों से चल रही तैयारी के बाद एम्स के सभी विभागों को टेली साक्ष्य सुविधा से जोड़ दिया है। 

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वीडियो कांफ्रेंसिंग की सहायता से संबंधित अदालत में डॉक्टर पेश हो सकता है और उक्त मामले संबंधी साक्ष्य प्रस्तुत भी कर सकता है। कुछ वर्ष पहले ये सुविधा चंडीगढ़ पीजीआई में शुरू हुई थी, जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे अन्य संस्थानों तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। अब एम्स की टेलीमेडिसिन समिति ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है। 
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एम्स में देशभर से मरीज आते हैं। कई बार एम्स में एमएलसी होने के चलते डॉक्टर को दूसरे राज्य की अदालत में चल रहे मामले में पेश होने के लिए जाना पड़ता था। अक्सर आपराधिक जटिल मामलों के कारण अलग-अलग अदालतों में एम्स के फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया जाता है। 
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डॉक्टरों की भागदौड़ को कम करने के लिए टेली साक्ष्य सुविधा प्रदान की है। एम्स प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि टेली साक्ष्य सुविधा को लेकर सभी को निर्देश दिए जा चुके हैं। 

कोई डॉक्टर इस सुविधा का लाभ लेना चाहता है तो उसे करीब 4 दिन पहले आवेदन के साथ उक्त समन भी देना होगा, ताकि उसी के अनुसार टेली साक्ष्य को लेकर व्यवस्था की जा सके। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक बताते हैं कि कई वर्ष पहले टेली साक्ष्य को लेकर पीजीआई चंडीगढ़ में एक अध्ययन किया था, जिसका परिणाम वाकई चौंकाने वाला था। आने वाले दिनों में टेली साक्ष्य जिला अस्पतालों तक पहुंचेंगे, ताकि पूरे देश में एक जैसी व्यवस्था लागू हो सके।

1.28 लाख किमी भागदौड़ बची
पीजीआई चंडीगढ़ के अध्ययन में ये साबित हुआ था कि टेली साक्ष्य के जरिए चिकित्सीय संस्थान अपने डॉक्टरों की सालाना कई लाख किलोमीटर की भागदौड़ को बचा सकता है। मार्च 2014 से फरवरी 2015 तक करीब 500 मामलों को लेकर अध्ययन में संस्थान ने पाया कि 1,28,642 किलोमीटर डॉक्टरों की यात्रा को टेली साक्ष्य के जरिए बचा लिया गया। 

एम्स के एक वरिष्ठ फोरेंसिक विशेषज्ञ बताते हैं कि न्यायिक मामलों में अक्सर डॉक्टर के पेश नहीं होने के कारण वक्त काफी लग जाता है। कई बार होता है डॉक्टर के पास एक ही तारीख में 2-2 अदालतों में पेश होने के समन आता है। 


जाहिर है कि डॉक्टर एक बार में एक ही केस के लिए जा सकता है। इसलिए टेली साक्ष्य सुविधा होने से डॉक्टरों के अलावा न्यायिक मामलों के जल्द निपटारे में भी मदद मिल सकेगी।

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