AIIMS का सर्कुलर- बिना जांच-पड़ताल मरीज को दूसरे विभाग में न करें रेफर

ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 03 Jun 2017 09:53 AM IST
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aiims - फोटो : अमर उजाला
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देश के अलग-अलग राज्यों से मरीज इलाज के लिए एम्स आते हैं और यहां इलाज के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग भटकते रहते हैं। एक चिकित्सक-दूसरे चिकित्सक के पास भेज देते हैं और मरीज उस डॉक्टर तक पहुंचने के लिए बिना चिकित्सीय जांच-पड़ताल के भटकते रहता है। 
एम्स-प्रशासन ने एम्स के चिकित्सकों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि मरीज की जांच-पड़ताल किए बिना दूसरे विभाग में न करें रेफर। यही नहीं रेफर करने वाले चिकित्सक अपना नाम, पद और मुहर जरूर लगाएं।       

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.शर्मा की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि यह देखा गया है कि जब मरीज इलाज के लिए ओपीडी अथवा आपातकालीन विभाग पहुंचते हैं तो कुछ चिकित्सक मरीज की जांच-पड़ताल किए बिना दूसरे विभाग में रेफर कर देते हैं। 

संबंधित विभाग का नाम या संबंधित बीमारी के विशेषज्ञ का नाम नहीं लिखते। यही नहीं रेफर करने वाले चिकित्सक अपना नाम, पद और मुहर भी नहीं लगाते हैं।      
 
इन परिस्थतियों में मरीज अपना इलाज कराने के लिए एम्स में चिकित्सकों की तलाश करते रहते हैं और संबंधित चिकित्सक का नंबर लगाने के लिए ओपीडी में भटकते रहते हैं। इसकी वजह से ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की भीड़ भी लगी रहती है और मरीज परेशान होते रहते हैं। 

जब तक रेफर करने वाले चिकित्सक अपना नाम, पद और मुहर नहीं लगाएंगे तब तक उस मरीज का पंजीकरण नहीं हो पाएगा। सर्कुलर में यह कहा गया है कि मरीजों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है। देश भर से प्रतिदिन नौ से 10 हजार मरीज इलाके लिए एम्स पहुंचते हैं।  

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