AI Summit: ब्रेस्ट कैंसर होते ही पता चल जाएगा, थर्मालिटिक्स तकनीक बदल देगी महिला स्वास्थ्य जांच की तस्वीर
हेल्थ-टेक स्टार्टअप निरमाई हेल्थ एनालिटिक्स ने एआई आधारित स्क्रीनिंग डिवाइस थर्मालिटिक्स विकसित की है।
विस्तार
बिना छुए ही अब एआई के जरिये महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण पता चल जाएगा। आसानी से और समय से बीमारी का पता चलते ही इलाज शुरू होने से इस कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर 12 में से 1 महिला को जीवनकाल में ब्रेस्ट असामान्यता का जोखिम रहता है। कैंसर से जान गंवाने वाली अधिकतर महिलाओं की जान ब्रेस्ट कैंसर से जाती है।
हेल्थ-टेक स्टार्टअप निरमाई हेल्थ एनालिटिक्स ने एआई आधारित स्क्रीनिंग डिवाइस थर्मालिटिक्स विकसित की है। स्टॉल संचालक ने बताया, कि इस तकनीक से अब तक 3 लाख से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, और यह तकनीक 22 से अधिक देशों में उपलब्ध है, जिनमें भारत, फिलीपींस, जाम्बिया, स्वीडन और यूके शामिल हैं।
क्या है थर्मालिटिक्स?
थर्मालिटिक्स एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित, नॉन-इनवेसिव, रेडिएशन-फ्री ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग सिस्टम है। जो शरीर को छुए बिना जांच करने में सक्षम है। इस तकनीक में रेडिएशन का इस्तेमाल नहीं होता है। इस तकनीक का प्रयोग 18 से 80+ आयु वर्ग की महिलाओं पर किया जा सकता है। यह पारंपरिक थर्मोग्राफी नहीं है। जहां सामान्य थर्मोग्राफी में मानव द्वारा इमेज की व्याख्या की जाती है, वहीं थर्मालिटिक्स तापमान मैप्स पर एआई एल्गोरिद्म के जरिए विश्लेषण करता है।
खास बातें
- शरीर को छुए बिना जांच करता है
- कोई रेडिएशन इस्तेमाल नहीं करता
- 18 से 80+ आयु वर्ग की महिलाओं के लिए उपयुक्त
- ब्रेस्ट डेंसिटी (घनत्व) पर निर्भर नहीं
कैसे काम करती है यह तकनीक?
इस सिस्टम में हाई-रिजॉल्यूशन थर्मल सेंसिंग डिवाइस का उपयोग होता है, जो सीने के लगभग 4 लाख तापमान बिंदुओं का डेटा कैप्चर करता है। इसका एआई एल्गोरिद्म, सूक्ष्म तापमान बदलाव पहचानते हैं, असामान्य रक्त वाहिकाओं के पैटर्न का पता लगाते हैं, हिट सिग्नेचर में असामान्यता ढूंढते हैं, और एक मात्रात्मक ब्रेस्ट हेल्थ स्कोर तैयार करते हैं। वहीं, इसकी तापमान संवेदनशीलता 0.02°C तक है, जो पारंपरिक थर्मल इमेज (लगभग 1°C संवेदनशीलता) से 50 गुना अधिक सूक्ष्म मानी जा रही है। इससे शुरुआती चरण की असामान्यता भी पकड़ी जा सकती है, जब वह अन्य इमेजिंग में स्पष्ट न हो।
क्या कहती हैं क्लिनिकल स्टडीज?
- संवेदनशीलता और विशिष्टतापारंपरिक तरीकों के बराबर
- युवा महिलाओं और घने स्तन ऊतक में 2डी मैमोग्राफी से बेहतर परिणाम
- 39 पेटेंट और 55 से अधिक क्लिनिकली रिव्यूड प्रकाशन