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Delhi NCR News: एआई बूम और मिडिल ईस्ट संकट से इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर दोहरी मार
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नेहरू प्लेस से भगीरथ पैलेस तक महंगे हुए इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट
एआई सर्वर की बढ़ती मांग से रैम के दाम में भी आया उछाल
सनी सिंह
नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए बढ़ती कंप्यूटिंग क्षमता की वैश्विक मांग का असर दिल्ली के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर दिख रहा है। नेहरू प्लेस और भगीरथ पैलेस के कारोबारियों के अनुसार, रैम और अन्य कंपोनेंट के दाम बढ़े हैं, जबकि उपलब्धता घटी है। खासकर डीडीआर5 रैम के कुछ मॉडल 29-30 हजार रुपये तक महंगे हो गए हैं, जिससे कंप्यूटर तैयार कराने, अपग्रेड कराने और मरम्मत का खर्च बढ़ गया है।
ऑल दिल्ली कंप्यूटर ट्रेडर्स एसोसिएशन (एडीसीटीए) के अनुसार, रैम बाजार में मौजूदा संकट का कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सर्वरों की बढ़ती वैश्विक मांग है। एआई ढांचे में उच्च क्षमता वाली मेमोरी और सर्वर रैम की मांग बढ़ रही है। मेमोरी बनाने वाली कंपनियां इन उत्पादों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे सामान्य उपभोक्ता के लिए रैम की उपलब्धता कम हो गई है।
उपभोक्ताओं पर सीधा असर
दिल्ली के बाजारों में 32 जीबी डीडीआर5 रैम के कुछ मॉडल के लिए ग्राहकों को 29-30 हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। नेहरू प्लेस के दुकानदार राजेश गुप्ता ने बताया, ग्राहक अब रैम बढ़वाने से पहले कीमत पूछते हैं और उसके बाद फैसला करते हैं। महंगे कंपोनेंट के कारण कई ग्राहक पुराने कंप्यूटर अपग्रेड नहीं करवा रहे हैं। कुछ मॉडलों के लिए स्टॉक और अगली खेप के दाम को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
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लैपटॉप और कंपोनेंट की लागत बढ़ी
एडीसीटीए के अध्यक्ष महिंद्र अग्रवाल ने कहा कि मेमोरी की बढ़ती लागत का असर लैपटॉप बाजार पर भी पड़ा है। इस वर्ष लैपटॉप की कीमतों में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। शुरुआती श्रेणी के जिन लैपटॉप की कीमत पहले करीब 30-35 हजार रुपये थी, उनमें कुछ मॉडल अब करीब 45 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। भगीरथ पैलेस के कारोबारी पंकज जैन के अनुसार, उद्योग में तांबा-लेपित परत समेत कुछ कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। लागत बढ़ने के बावजूद पूरी बढ़ोतरी ग्राहक पर डालना आसान नहीं है, जिससे व्यापारियों के मुनाफे पर असर पड़ रहा है।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव ने इलेक्ट्रॉनिक्स आयात की ढुलाई लागत और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंता बढ़ाई है। भारत कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट के लिए आयात पर निर्भर है।
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एआई सर्वर की बढ़ती मांग से रैम के दाम में भी आया उछाल
सनी सिंह
नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए बढ़ती कंप्यूटिंग क्षमता की वैश्विक मांग का असर दिल्ली के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर दिख रहा है। नेहरू प्लेस और भगीरथ पैलेस के कारोबारियों के अनुसार, रैम और अन्य कंपोनेंट के दाम बढ़े हैं, जबकि उपलब्धता घटी है। खासकर डीडीआर5 रैम के कुछ मॉडल 29-30 हजार रुपये तक महंगे हो गए हैं, जिससे कंप्यूटर तैयार कराने, अपग्रेड कराने और मरम्मत का खर्च बढ़ गया है।
ऑल दिल्ली कंप्यूटर ट्रेडर्स एसोसिएशन (एडीसीटीए) के अनुसार, रैम बाजार में मौजूदा संकट का कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सर्वरों की बढ़ती वैश्विक मांग है। एआई ढांचे में उच्च क्षमता वाली मेमोरी और सर्वर रैम की मांग बढ़ रही है। मेमोरी बनाने वाली कंपनियां इन उत्पादों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे सामान्य उपभोक्ता के लिए रैम की उपलब्धता कम हो गई है।
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उपभोक्ताओं पर सीधा असर
दिल्ली के बाजारों में 32 जीबी डीडीआर5 रैम के कुछ मॉडल के लिए ग्राहकों को 29-30 हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। नेहरू प्लेस के दुकानदार राजेश गुप्ता ने बताया, ग्राहक अब रैम बढ़वाने से पहले कीमत पूछते हैं और उसके बाद फैसला करते हैं। महंगे कंपोनेंट के कारण कई ग्राहक पुराने कंप्यूटर अपग्रेड नहीं करवा रहे हैं। कुछ मॉडलों के लिए स्टॉक और अगली खेप के दाम को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
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लैपटॉप और कंपोनेंट की लागत बढ़ी
एडीसीटीए के अध्यक्ष महिंद्र अग्रवाल ने कहा कि मेमोरी की बढ़ती लागत का असर लैपटॉप बाजार पर भी पड़ा है। इस वर्ष लैपटॉप की कीमतों में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। शुरुआती श्रेणी के जिन लैपटॉप की कीमत पहले करीब 30-35 हजार रुपये थी, उनमें कुछ मॉडल अब करीब 45 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। भगीरथ पैलेस के कारोबारी पंकज जैन के अनुसार, उद्योग में तांबा-लेपित परत समेत कुछ कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। लागत बढ़ने के बावजूद पूरी बढ़ोतरी ग्राहक पर डालना आसान नहीं है, जिससे व्यापारियों के मुनाफे पर असर पड़ रहा है।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव ने इलेक्ट्रॉनिक्स आयात की ढुलाई लागत और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंता बढ़ाई है। भारत कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट के लिए आयात पर निर्भर है।