{"_id":"5e40a2158ebc3ee5fa05cfd1","slug":"after-voting-nadda-shah-took-feedback-of-every-seat","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली विधानसभा चुनावः नड्डा और शाह ने लिया हर सीट का फीडबैक, पूछा क्या रहा मुद्दों का असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली विधानसभा चुनावः नड्डा और शाह ने लिया हर सीट का फीडबैक, पूछा क्या रहा मुद्दों का असर
Mon, 10 Feb 2020 05:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 10 Feb 2020 05:51 AM IST
विज्ञापन
नड्डा और शाह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शनिवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह ने मैराथन बैठक की। शनिवार को रात 8 बजे शुरू हुई बैठक तड़के तीन बजे तक चली। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और दिल्ली के सांसदों से एक एक सीट का फीडबैक लिया। दोनों नेताओं की दिलचस्पी यह जानने में थी कि रणनीति के अनुरूप बूथ कमेटियों के कार्यकर्ता अपने समर्थकों का अधिकतम मतदान कराने में सफल रहे या नहीं।
विज्ञापन
दरअसल लोकसभा में राजधानी में क्लीन स्वीप करने के बाद शाह ने विधानसभा चुनाव में 70 फीसदी से अधिक मतदान का लक्ष्य निर्धारित किया था। अलग-अलग बूथ कमेटी के सदस्यों के साथ कई अन्य स्थानीय नेताओं को अधिक मतदान कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि पार्टी अपनी रणनीति और योजनाओं के अनुरूप 70 फीसदी मतदान का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई। यही कारण है कि शाह और नड्डा जानना चाहते थे कि बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता पार्टी समर्थकों को अधिक से अधिक वोट करा पाए या नहीं।
विज्ञापन
क्यों चिंता में है पार्टी
दरअसल लोकसभा चुनाव के बाद जिन तीन राज्यों हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हुए, उन राज्यों में लोकसभा के मुकाबले भाजपा को बेहद कम वोट मिले। हरियाणा में 22 तो झारखंड में 17 फीसदी वोट का नुकसान झेलना पड़ा। दिल्ली में भाजपा को करीब 56 फीसदी वोट मिले थे। तीन राज्यों में वोट में आई गिरावट और आमने सामने की तय जंग के कारण भाजपा ने राजधानी में मतदान बढ़ाने की रणनीति बनाई थी। हालांकि पार्टी इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई।
विज्ञापन
मुद्दों के असर की भी ली जानकारी
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रवाद और आम आदमी पार्टी की मुफ्त योजनाओं का मतदान पर पड़े असर की जानकारी ली। इस दौरान खासतौर पर अनाधिकृत कालोनियों और झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले वोटरों का रुझान भी दोनों नेताओं से हासिल किया।