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कोरोनाः कई दिनों के शोध के बाद एम्स ने बनाया मास्क और सैनिटाइजर
Fri, 20 Mar 2020 12:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 20 Mar 2020 12:11 AM IST
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- फोटो : file photo
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दिल्ली के एम्स ने कोरोना वायरस के चलते मास्क और सैनिटाइजर की कमी दूर करने का तरीका निकाला है। एम्स के ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों मास्क और सैनिटाइजर बनाए हैं।
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वरिष्ठ डॉ. पूर्वा माथुर की निगरानी में डॉक्टरों ने कई दिनों तक शोध के बाद इन्हें तैयार किया है। सैनिटाइजर और फेशियल सीट का ट्रायल भी कर लिया है। प्रोफेसर पूर्वा माथुर ने बताया कि एम्स में इनकी कमी नहीं है। हालांकि आपात स्थिति से निपटने के लिए हमने ये तैयार किए हैं।
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कहा कि इस वायरस में मरीजों के इलाज करने वाले डॉक्टरों को सबसे अधिक खतरा रहता है, इसी मकसद से हमने सैनिटाइजर और फेशियल सीट तैयार किया है। डॉक्टर पूर्वा ने कहा कि अभी हमने ट्रायल के लिए 50 से 60 ऐसे बॉटल तैयार किए हैं और इसके लिए डब्ल्यूएचओ का ही फॉर्म्यूला अपनाया गया है।
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सैनिटाइजर के लिए हमने इथिनॉल, हाइड्रोजन पैराऑक्साइड, लिसीरॉल और वॉटर मिला कर तैयार किया है, इसका इस्तेमाल भी किया है। यह वायरस खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाले ड्रॉपलेट्स से फैलता है, इसलिए इलाज में जुड़े लोगों को सबसे ज्यादा अपने फेस को बचाना होता है, क्योंकि यहीं से वायरस दूसरे इंसान में फैलता है।