फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   after one year three months after FIR wait for forensic report in document stolen case

दस्तावेज चोरी मामले में FIR के सवा साल बाद भी फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

Wed, 20 Apr 2016 09:10 AM IST
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 20 Apr 2016 09:10 AM IST
विज्ञापन
after one year three months after FIR wait for forensic report in document stolen case
दस्तावेज चोरी मामला

पेट्रोलियम मंत्रालय दस्तावेज लीक मामले में एफआईआर के सवा साल बाद भी फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार है। पुलिस व सरकारी विभागों की सुस्ती का आलम यह है कि एफआईआर के 14 महीने बाद भी फोरेंसिक रिपोर्ट न मिलने के कारण आरोपों पर बहस शुरू नहीं हो सकी है।

विज्ञापन


अदालत ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए पूछा कि पुलिस कब तक फोरेंसिक जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी, ताकि आरोपों पर बहस शुरू की जा सके। यह बेहद संवेदनशील मामला था, जिसमें सरकार व मंत्रालयों के दस्तावेज की चोरी का पर्दाफाश हुआ था।
विज्ञापन


पेश मामले में 13 आरोपियों में रिलायंस समेत एनर्जी सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों के पांच वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज कर 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल ये सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

दस्तावेज की कॉपी देने व इनका निरीक्षण करने का निर्देश

after one year three months after FIR wait for forensic report in document stolen case

पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम सुमित दास ने पुलिस को शीघ्र एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त करने का निर्देश देते हुए सुनवाई के लिए 6 अगस्त की तारीख तय की है। मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि उन्हें चार्जशीट के साथ पेश किए गए पूरे दस्तावेज नहीं मिले हैं।

अदालत ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 13 आरोपियों को चार्जशीट के साथ संलग्न दस्तावेज व सीडी देने के निर्देश दिल्ली पुलिस को दिए गए हैं। अदालत ने इससे पहले भी आरोपियों को दस्तावेज की कॉपी देने व इनका निरीक्षण करने का निर्देश दिया था।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शैलेश सक्सेना, एस्सार के विनय कुमार, कैन्स इंडिया के केके नायक, जुबीलेंट एनर्जी के सुभाष चंद्रा व रिलायंस एडीएजी के ऋषि आनंद समेत 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

इस मामले में इन लोगों की हुई थी ग‌िरफ्तारी

after one year three months after FIR wait for forensic report in document stolen case

पेश मामले के अन्य आरोपियों में पेट्रोलियम मंत्रालय के स्टाफ ईश्वर सिंह व आशाराम, पूर्व कर्मचारी लालता प्रसाद व राकेश कुमार, रक्षा मंत्रालय के वीरेंद्र कुमार, राजकुमार चौबे, एनर्जी सलाहकार प्रयास जैन व पत्रकार शांतनु सेकिया शामिल हैं।

पुलिस ने कोर्ट को मामले की जानकारी देते हुए बताया था कि जांच के दौरान आरोपियों से आठ वर्गीकृत दस्तावेज बरामद हुए थे और ये दस्तावेज सार्वजनिक नहीं थे। हालांकि पुलिस ने दस्तावेज को वर्गीकृत बताया था, लेकिन आरोपियों के खिलाफ गोपनीय दस्तावेज अधिनियम नहीं लगाया था।

दिल्ली पुलिस ने 20 फरवरी 2016 को कॉरपोरेट जगत के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का आरोप था कि ये लोग लालता प्रसाद व राकेश कुमार को पैसे देकर गोपनीय दस्तावेज हासिल करते थे। इसके बाद आरोपी कॉरपोरेट अधिकारी ये दस्तावेज अपनी कंपनियों को देते थे, ताकि कंपनियों का फायदा हो सके। पुलिस ने इस मामले में प्रयास जैन, शांतनु सेकिया, ईश्वर सिंह, आशाराम व राजकुमार चौबे को पेट्रोलियम व गैस मंत्रालय समेत कई मंत्रालयों के संवेदनशील दस्तावेज चुराने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed