तिहाड़ से छूटते ही इन्होंने खोली जेल की पोल
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कुछ कहानियां हैरान करने वाली होती हैं। 54 साल के अनिल दत्त शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। शर्मा वो शख्स हैं जो पिछले दिनों तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए हैं। उत्तरी दिल्ली के एक व्यापारी से आरटीआई के बहाने धन उगाही समेत कई अन्य गंभीर मामलों में शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। एंटी करप्नश ब्रांच द्वारा गिरफ्तार शर्मा 21 अक्टूबर को जमानत पर छूटे हैं। शर्मा ने जेल से छूटने के बाद से जेल प्रशासन को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
जेल से छूटने के बाद से साढे चार महीनों में 1000 से ज्यादा आरटाई लगा चुके शर्मा खुद को बेगुनाह बता रहे हैं। अनिल दत्त शर्मा नाम के इस शख्स ने जेल मैनुअल के आधार पर जेल प्रशासन की कार्य प्रणाली पर आरटीआई एप्लीकेशन लगा दी हैं।
जांच एजेंसी शर्मा के खिलाफ अभी तक कोई पुख्ता सुबूत नहीं दे पाई है जिस वजह से शर्मा को जमानत मिल गयी। शर्मा से जेल से बाहर आते ही एक महीने से कम समय में 30 आरटीआई और 4 पीआईएल दाखिल कर दीं। अनिल दत्त शर्मा ने अब तक जो आरटीआई लगाई हैं उनमें अतिक्रमण के अलावा तिहाड़ की कार्यप्रणाली शामिल है।
शर्मा के मुताबिक मैने तिहाड़ के कार्यप्रणाली के खिलाफ इस वजह से आरटीआई लगाई है क्योंकि मैं वहां रहा हूं। मैने वहां का कार्यालयी स्थिति को समझने के लिए पढ़ने पर समय बिताया है। इसके अलावा मैं कई और आरटीआई एप्लीकेशन लगाने जा रहा हूँ जिसके लिए जेल मैनुअल खरीदा है।
क्या शर्मा की कहानी का आधार
शर्मा कहते हैं कि जेल मैनुअल के मुताबिक 400 ग्राम दूध रोज कैदी को रोज मिलना चाहिए, जिसे मैने वहां कभी नहीं देखा। जनहित याचिका में सुनवाई में सब साफ हो जाएगा। शर्मा के मुताबिक उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है इसी वजह से कोर्ट ने मुझे छोड़ दिया। मैं कुछ गलत नहीं कर रहा, बल्कि सच खंगालने की कोशिश में हूँ। 24 जून को शर्मा को रंगे हाथों शाहदरा से 1 विल्डर से 1 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
वहीं शर्मा को विश्वास है कि वो बाइज्जत बरी हो जाएंगे। शर्मा कहते हैं कि मेरी ज्यादातर याचिकाएं सीआईसी कमिशनर्स के खिलाफ हैं, डिप्टी कमिशनर्स के खिलाफ हैं, जो प्रशासनिक महकमों को चलाते हैं। इन्ही की निगरानी में अवैध निर्माण का कार्य चल रहा है।
दो बच्चों के पिता शर्मा इन दिनों जेल मैनुअल्स और आईपीसी के मैनुअल्स को पढने में सारा वक्त बिता रहे हैं। जल्द ही शर्मा अपनी वेबसाइट भी लॉन्च करने जा रहे हैं। जिसपर उनके संघर्ष और जिंदगी की कहानी होगी। शर्मा कहते हैं कि हो सकता है कि उनकी कहानी किसी को प्रेरणा का मौका दे दे।