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जीएसटी लागू होने के बाद ग्राहकों के सवालों से व्यापारी परेेशानी में 

Mon, 03 Jul 2017 07:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 03 Jul 2017 07:21 PM IST
सार

जीएसटी  : बाजार से गायब हो गए खरीदार
-
-अभी नई प्रणाली का गुणा-भाग समझ रहे कारोबारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद।

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after gst roll back shopkeepers are in trouble in faridabad

विस्तार

जीएसटी से पहले और बाद का बाजार पूरी तरह से बदल गया है। पहले भारी छूट के चलते बाजार गुलजार थे, अब जीएसटी ने व्यापारी को गुणा-भाग में उलझा दिया है। जीएसटी के तीसरे दिन अधिकांश दुकानों से ग्राहक गायब थे। जो ग्राहक दुकान तक पहुंच रहा है, उसके सवालों ने कारोबारियों को परेशानी में डाल दिया है।

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व्यापारियों ने बताया कि नोटबंदी के बाद दूसरी बार यह हालात बने हैं कि ग्राहक खरीदारी के लिए बाजार नहीं जा रहा है। 30 जून तक जिस वस्तु का दाम 450 रुपये था, वह वस्तु कितनी सस्ती या महंगी हुई है, इसका जवाब कारोबारी से मांगा जा रहा है।
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अब तक कारोबारी भी जीएसटी को समझ नहीं पाए हैं, ऐसे में ग्राहक को क्या समझाएं।  एक देश-एक कर प्रणाली लागू होने के बाद जिन दुकानों पर ग्राहक पहुंच रहे हैं, वहां पर मैनुअल बिल देकर काम चलाया जा रहा है।
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फुटवियर, कपड़ा मार्केट, इलेक्टॉनिक उत्पादों का कारोबारी पूरी तरह से मंदा हो गया है। अधिकतर व्यापारियों ने 30 जून तक सेल के माध्यम से अपना पुराना स्टॉक निकाल दिया है। 

नामी कंपनियों के स्टोर जुड़े जीएसटी से
शहर में नामी कंपनियों के स्टोर में सिस्टम अपडेटेशन का काम 30 जून की रात से शुरू हो गया था। देशभर में स्टोर पर दो दिन कार्य कर जीएसटी की बिलिंग प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है। अब देश भर में ब्रांडेड वस्तुओं की खरीदी पर नया बिल ग्राहकों को थमाया जा रहा है, लेकिन यहां पर भी ग्राहक सस्ती एवं महंगी वस्तुओं को समझ नहीं पा रहे हैै। शहर के विभिन्न मॉल में जीएसटी के तहत ग्राहको को बिल दिया जाना शुरू हो गया है।  

छोटे कारोबारी की समझ से दूर है जीएसटी
औद्योगिक नगरी का कारोबार पिछले तीन से मंदा हो गया है। बड़े कारोबारी सीए और जीएसटी एक्सपर्ट से मदद ले रहे है, लेकिन अब तक कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी है। वहीं छोटे कारोबारी किससे संपर्क करें। यही सोचने में अपना समय निकाल रहे हैं। दिनभर दुकान पर सर पकडने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुुई है। हालांकि व्यापारियों को भय है कि सही तरीेके से पालन नहीं करने पर कार्रवाई हो सकती है। 

क्या कहते हैं कारोबारी  
पिछले तीन दिन से कारोबार मंदा पड़ा है। जीएसटी के बारे में सीए भी सही तरीके से नहीं समझा पा रहे हैं। किस तरह से बिल देना है, इसकी व्यापारी वर्ग को जानकारी नहीं है। बाजार से खरीदार भी गायब है। वह सामान के सस्ते होने का इंतजार कर रहा है। -हरकिशोर कौशिक, बिल्डिंग मटैरियल कारोबारी

ग्राहकों को दिए जा रहे बिल में कंपनी ने जीएसटी को शामिल कर लिया है। अभी बाजार पूरी तरह से धीमा है। अभी जीएसटी प्रक्रिया को समझा जा रहा है। -अंकित, इलेक्टॉनिक उत्पाद के कारोबारी


30 जून तक बाजार में खरीदारी जोरों पर थी, पिछले तीन दिन से ठीक इसके उल्टा माहौल हो गया है। जीएसटी के लिए सीए से संपर्क किया जा रहा है। -विशाल, फुटवियर कारोबारी

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