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JNU: स्वामी बोले 4 महीने बंद करो विश्वविद्यालय

Wed, 17 Feb 2016 10:09 AM IST
Updated Wed, 17 Feb 2016 10:09 AM IST
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after dispute in JNU campus teacher into two factions

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में विवादों के चलते माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। कैंपस में पहले राजनेता तो अब शिक्षकों की राजनीति शुरू हो गयी है।

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जेएनयू टीचर यूनियन (जेएनयूटा) ने छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी और कोर्ट परिसर में वकीलों द्वारा मारपीट के विरोध में मंगलवार को हड़ताल की।

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दूसरी ओर कुछ शिक्षकों ने बाकायदा क्लास लिया और कुलपति से विवि परिसर में देश विरोधी कार्यक्रमों का आयोजन करने और उन्हें सहयोग करने के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठायी है।

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एक तरफ क्लास तो दूसरी तरफ हड़ताल

after dispute in JNU campus teacher into two factions

जेएनयू कैंपस में मंगलवार को जेएनयूटा की कॉल पर कई क्लासरूम में ताले लटक गए। एक तरफ जेएनयूटा कुलपति कार्यालय के बाहर धरना देकर कक्षाओं का बहिष्कार के साथ प्रदर्शन कर रहा था तो दूसरी और कैंपस में बाकायदा क्लास चल रही थीं। इस प्रकार दूसरे गुट के शिक्षकों ने हड़ताल को सफल होने से रोक दिया।


जेएनयूटा ने मंगलवार शाम जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) बुलाई, जो कि हंगामेदार रही।  बैठक में स्कूल ऑफ संस्कृत के प्रो. हरीराम मिश्रा, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल कल्चर के प्रो. सतेंद्र शर्मा, स्कूल ऑफ इन्वायरमेंट के प्रो. जेके त्रिपाठी ने कहा कि अफजल गुरु शहादत दिवस और देश विरोधी नारे लगाने के विवाद पर जेएनयूटा को बाहर रहना चाहिए था।

लेकिन शिक्षकों ने छात्रसंघ का साथ देकर उनके हौसले बढ़ा दिए। यही नहीं, जेएनयूटा ने कुलपति की हाईलेवल कमेटी पर अंगुली उठाकर विवि प्रबंधन के कामकाज पर सवाल उठाया है, उसका हम विरोध करते हैं। दोनों पक्षों के शिक्षकों के बीच हंगामेदार बहस हुई और उसके बाद कुछ शिक्षक वॉकआउट कर चले गए।

देश विरोधी नारे के लिए विवि प्रबंधन जिम्मेदार

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छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के विरोध में लेफ्ट छात्र संगठनों का विरोध मार्च 18 फरवरी को आयोजित होगा, जोकि मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक जाएगा। इस विरोध मार्च में जेएनयू के शिक्षक, कर्मी, पूर्व छात्र से लेकर वर्तमान छात्र शामिल होंगे।

प्रोफेसर अजय पटनायक के मुताबिक कुलपति ने शिक्षकों की सहमति के बिना ही हाईलेवल कमेटी बना दी, जोकि हमें मंजूर नहीं है। अफजल शहादत दिवस व देश विरोधी नारे के लिए विवि प्रबंधन जिम्मेदार है।

क्योंकि उन्हें कैंपस की हर हरकत पर नजर होनी चाहिए थी। जांच कमेटी में जेएनयूटा, हॉस्टल समेत जीएसकैश व छात्रसंघ का कोई सदस्य शामिल नहीं है। ऐसे में हम कैसे भरोसा करें कि कमेटी सही जांच करेगी।

जेएनयू को चार महीने के लिए बंद कर देना चाहिए: स्वामी

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हमेशा अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने मांग की है कि मई में मुख्य परीक्षा होने के बाद जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय को चार महीने के लिए बंद कर दिया जाना चाहिए।


विश्वविद्यालय के दोबारा खुलने पर छात्र-छात्राओं से एफिडेविट लेना चाहिए कि वे संविधान को सर्वोपरि मानेंगे, ऐसा करने वालों को ही प्रवेश देना चाहिए। लेकिन जिनके जिहादी, नक्सली और लिट्टे उग्रवादियों से संबंध साबित हो चुके हैं उन्हें विश्वविद्यालय से निष्कासित कर देना चाहिए।

इसके साथ ही स्वामी ने कहा कि जिन्होंने स्नातक पाठ्यक्रम से स्नातक डिग्री नहीं ली है और स्नातकोत्तर कोर्स तीन साल में पूरा नहीं कर लिया उन्हें भी निकाल देना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि जेएनयू 100 फीसदी सरकार द्वारा वित्त पोषित है। लोकतंत्र में कुछ तार्किक प्रतिबंध भी होते हैं, सरकार को उन्हें मनवाना चाहिए।

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