फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   affordable housing is now infrastructure by reserve bank

अब साकार होगा सस्ते घर का सपना

Wed, 16 Jul 2014 09:15 AM IST
Updated Wed, 16 Jul 2014 09:15 AM IST
विज्ञापन
affordable housing is now infrastructure by reserve bank

घर खरीदना आने वाले दिनों में आपके लिए सस्ता हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘अफोर्डेबल हाउसिंग’ को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा प्रदान कर दिया है।

विज्ञापन


रिजर्व बैंक के इस कदम से मेट्रो शहर में 65 लाख रुपये तक की कीमत वाले घर और छोटे शहरों में 50 लाख रुपये तक की कीमत वाले घरों के निर्माण का बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन


इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से रीयल एस्टेट डेवलपर्स को बैंकों से आसानी से और एक फीसदी तक सस्ती दरों पर कर्ज मिल सकेगा। इसका फायदा घरों की कीमतों में कमी के रूप में ग्राहकों को मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

हाउसिंग सेक्टर को मिलेगा बूस्ट

affordable housing is now infrastructure by reserve bank

मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के छह मेट्रो शहरों को छोड़कर बाकी शहरों के लिए 50 लाख रुपये की कीमत और 40 लाख रुपये तक का होम लोन अफोर्डेबल हाउसिंग वर्ग में निर्धारित दिया है।

जबकि नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बंगलूरू और हैदराबाद के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग में घर की कीमत 65 लाख और होम लोन की सीमा 50 लाख तय कर दी है।

आरबीआई के कदम पर नेशनल रीयल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन नवीन रहेजा का कहना है कि इस कदम से हाउसिंग सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। डेवलपर्स को सस्ता कर्ज मिलने से लंबी अवधि में घरों की कीमतों में कमी आएगी। इसके अलावा हमें उम्मीद है कि होम लोन की दरों में भी इस कदम के बाद कमी आएगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को कर्ज मिलना हुआ आसान

affordable housing is now infrastructure by reserve bank

सड़क, बिजली, बंदरगाह, गैस आदि जैसे बुनियादी क्षेत्रों को कर्ज अब आसानी से मिल सकेगा। रिजर्व बैंक ने बैंकों को इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए लंबी अवधि के बांड जारी करने की अनुमति दे दी है। इसके अलावा ऐसे बांड के जरिए पूंजी जुटाने पर बैंकों को सीआरआर और एसएलआर के मानकों को पूरा नहीं करना पड़ेगा। इसका मतलब है कि बैंकों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर को कर्ज देने के लिए ज्यादा पूंजी होगी।

इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर बांड पर प्राथमिकता क्षेत्र के नियम भी लागू नहीं होंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर बांड पर न्यूनतम परिपक्वता अवधि 7 साल होगी। बैंक इसके लिए निवेशक को फिक्स्ड या फ्लोटिंग रेट पर रिटर्न का विकल्प भी दे सकेंगे।

कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंद्रनील पाल के अनुसार बैंक अभी तक कम अवधि की पूंजी जुटाकर इंफ्रास्ट्रक्चर को लंबी अवधि का कर्ज दे रहे थे। इस असमानता को आरबीआई ने दूर कर सेक्टर को बूस्ट देने की कोशिश की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed