पनीर खाने से गल रहे शरीर के आंतरिक अंग, संदेह होने पर यहां करें शिकायत
सावधान! ये पनीर तो कर रहा बीमार
- जिले में पनीर का पहला सैंपल फेल होने से खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट
- सभी डेयरियों की होगी जांच, लोगों से अपील, संदेह होने पर करें शिकायत
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शहर में खुलेआम बेचे जा रहे केमिकल युक्त डेयरी उत्पाद आपके शरीर के आंतरिक अंगों को गला रहे हैं। जिले में पनीर का पहला सैंपल फेल आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट हो गया है। अभी तक पनीर का सैंपल सब स्टैंडर्ड श्रेणी में तो आया था, लेकिन कभी फेल नहीं आया।
ऐसे में विभाग की ओर से जिले की सभी डेयरियों से सैंपल लेकर जांच की जाएगी। विभाग के डीओ राजेश कुमार ने बताया कि आम जन से अपील की गई है कि डेयरी उत्पाद में मिलावट का संदेह होने पर तुरंत शिकायत करें।
डाइटिशियन स्वाति विश्नोई ने बताया कि दूध में करीब 80 फीसदी पानी और बाकी मिनलल्स और फैट है। प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन विटामिन ए, डी, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयोडीन एवं अन्य मिनरल, एनर्जी, एंजाइम और लिविंग ब्लड सेल्स भी होते हैं।
इसलिए करते हैं मिलावट
यह सभी मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती देने के साथ ही एंटीबॉडीज और एंटी इंफेक्शन के तौर काम करते हैं। अगर इनमें मिलावट कर दी जाए तो दूध की मूल संरचना ही भी बिगड़ जाती है, जिसका सेवन करने से शरीर का नुकसान पहुंचता है।
डा. राजीव शर्मा ने बताया कि दूध में हाइड्रोजन पैराक्साइड, यूरिया, अमोनिया, नाइट्रेट फर्टिलाइजर आदि से शरीर के आंतरिक हिस्से आंत, लिवर, किडनी, पेट पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक यूरिया, अमोनिया, नाइट्रेट फर्टिलाइजर, स्टार्च, शुगर, ग्लूकोज और नमक मिलाने से दूध की मात्रा बढ़ जाती है। इसके साथ ही फैट भी बढ़ जाता है। न्यूट्रलाइजर से दूध में खटास नहीं आती।
हाइड्रोजन पैराक्साइड और फॉर्मेलिन मिलाने से दूध जल्दी खराब नहीं होता। पनीर इससे ताजा और अधिक सफेद बना रहता है। यूरिया और अमोनिया मिलाने से खराब हुए दूध का स्वाद ठीक करने के लिए आटा या स्टार्च मिलाया जाता है।
इस तरह से करें मिलावट की पहचान
- दूध : गिलास में लेकर दूध को हिलाएं। गाढ़ा होने पर समझ जाइए कि डिटरजेंट मिला है।
- हल्दी पाउडर : हल्दी पाउडर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाने पर लाल या गुलाबी हो जाए तो मेटानिल मिला है।
- साबुत हल्दी : लेड क्रोमेट से रंगा साबुत हल्दी चमकीला दिखाई देती है। पानी में मिलाते ही रंग छोड़ देती है।
- मसाला पाउडर : मसाला पाउडर में धान की भूसी मिलाई जाती है। पानी में डालने पर भूसी सतह पर तैरने लगती है।
- हींग : शुद्ध हींग को जलाने पर कपूर जैसी जलती है जबकि मिलावटी हींग जलने के बाद राख छोड़ती है।
- हरी सब्जियां : पैराफीन द्रव लगाकर रुई को सब्जी पर रगड़े, रुई हरा होने पर समझ जाइए कि उन्हें रंगा गया है।
- आटा : आटे में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाने के बाद हिलाएं, बदबू आए तो उसमें चाक पाउडर मिला है।
- तेल : तेल में बराबर मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाकर हिलाने पर लाल दिखे तो समझिए की रंग मिला है।
- चीनी : चीनी में चाक पाउडर, यूरिया और वाशिंग सोडा की मिलावट होती है। पानी में घोलने पर चाक पाउडर सतह पर बैठ जाएगा, यूरिया मिली होगी तो अमोनिया की गंध आएगी और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाने पर बदबूदार गैस निकले तो डिटरजेंट मिला है।
- घी : आयोडीन मिलाने पर अगर घी का नीला हो जाए तो उसमें पिसा आलू या स्टार्च मिला है।