{"_id":"57cac4f14f1c1b660b2cc6ce","slug":"administration-trying-to-solve-water-logging-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलभराव से निपटने की कवायद शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलभराव से निपटने की कवायद शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 05 Sep 2016 09:45 AM IST
विज्ञापन
rain
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। नगर निगम और राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने चार ऐसे स्थान चिन्हित किए हैं जहां सबसे अधिक जलभराव होता है।
विज्ञापन
बता दें कि पिछले दिनों शहर में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पूरा हाईवे पानी में डूब गया था। हाईवे पर जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे सरकार और स्थानीय जन प्रतिनिधियों की भी किरकिरी हुई।
विज्ञापन
जिला सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री ने खुद इस बात का खुलासा किया कि जलभराव से सरकार की बदनामी हो रही है। उन्होंने एनएचएआई को फटकार लगाते हुए उनके टोल में 25 फीसदी कटौती कराने की चेतावनी भी दी थी।
विज्ञापन
फटकार के बाद एनएचएआई और निगम अधिकारियों ने बैठक कर पानी निकासी के लिए कार्ययोजना बनाई है। निगम सूत्रों का कहना है कि अजरौंदी गांव, बाटा चौक, बल्लभगढ़ आरओबी और झाड़ सेतली के पास पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी।
इसका एस्टीमेट निगम का इंजीनियरिंग विभाग बनाएगा। एस्टीमेट बनाकर एनएचएआई को सौंपेगा। एनएचएआई एस्टीमेट के आधार पर जल निकासी की व्यवस्था बनाएगा। हुडा और मेट्रो भी इसमें सहयोग करेगा। ताकि बारिश में जलभराव होने से सड़कें क्षतिग्रस्त न हों।