वायु प्रदूषण के खिलाफ अहम बैठक: उम्र पूरी कर चुकीं गाड़ियों पर होगा एक्शन, 2.5 लाख वाहनों की फिटनेस होगी चेक
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर बैठक हुई। 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति लागू होगी, पुरानी गाड़ियों पर अभियान चलेगा। दिल्ली को 150 और इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, सर्दियों के लिए भी तैयारी है।
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण को लेकर एक बैठक हुई। जिसमें कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। राज्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक व्यापक योजना पर काम चल रहा है। साथ ही, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और सर्दियों के लिए विशेष इंतजाम करने की भी बात कही।
केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई की योजना पर चर्चा
राज्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण को लेकर एक बैठक हुई, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पीडब्ल्यूडी के प्रवेश वर्मा शामिल हुए। इसमें प्रदूषण के खिलाफ ठोस कार्रवाई की योजना पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि हमने एनसीआर में प्रदूषण कम करने और इस कोशिश में दिल्ली और एनसीआर की भूमिकाओं पर बात की।
बैठक में सुझाए गए कदमों के बारे में बताते हुए कहा, हमारी 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' पॉलिसी को और सख्ती से लागू किया जाएगा। दिल्ली के सभी 500 पेट्रोल पंपों पर, जहां एएनपीआर कैमरे लगे हैं। साथ ही 'एंड-ऑफ-लाइफ' (अपनी उम्र पूरी कर चुकीं) गाड़ियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए अक्तूबर में जन-जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा और नवंबर में पीयूसी सेंटरों को अपग्रेड किया जाएगा। तीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों के ज़रिए 2.5 लाख गाड़ियों की फिटनेस जांच की जाएगी।"
दिल्ली को 150 और ई-बसें मिलेंगी
सिरसा ने बताया कि दिल्ली में 588 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। इनमें 150 और बसें जोड़ी जाएंगी। उन्होंने 11 जिलाधिकारियों के कार्यालयों का दौरा कर प्रदूषण हॉटस्पॉट के 3 किलोमीटर दायरे में गतिविधियों की समीक्षा की। 62 चिह्नित प्रदूषण हॉटस्पॉट में से 42 पर प्रदूषण स्तर नियंत्रित किया जा चुका है। शेष हॉटस्पॉट पर भी काम जारी है। श्मशान घाट, डंपिंग साइट और निर्माण स्थलों जैसे विशिष्ट स्थानों पर ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारियों के माध्यम से इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से निपटाया जा रहा है।
अन्य पहल और सर्दियों की तैयारी
सड़कों के किनारों से उठने वाली धूल को रोकने के लिए 'ब्राउन पैच' और हरियाली विकसित की जाएगी। यह जनभागीदारी अभियान के तहत होगा। सड़कों की गहरी सफाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जो हर पखवाड़े की जाएगी। 'जीरो बर्निंग' पहल के तहत इस बार 'हीटिंग स्पॉट' बनाए जाएंगे। अस्थायी आश्रय स्थलों में ठंड से बचाव के लिए हीटिंग की व्यवस्था होगी।