टॉयलेट में पानी की जगह तेजाब, छात्राएं झुलसीं
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देश के सरकारी स्कूलों का हाल किसी से छिपा नहीं है। ऐसे ही एक सरकारी स्कूल में प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा तीन मासूम बच्चियों को भुगतना पड़ा।
स्कूल में पढ़ने वाली तीन बच्चियां स्कूल के टॉयलेट में गई थीं। वहां उन्होंने पानी समझ कर केन में रखा तेजाब इस्तेमाल कर लिया। इससे उनके प्राइवेट पार्ट, हाथ और कमर झुलस गए।
हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रशासन ने बच्चियों को हॉस्पिटल ले जाने के बजाय घर भेज दिया।
दिल्ली का है मामला
दिल्ली पुलिस के मुताबिक घटना सर्वोदय कन्या विद्यालय, पुरानी सीमापुरी में बुधवार सुबह 11.30 बजे हुई। तीनों बच्चियां अपने परिवारों के साथ सीमापुरी की सनलाइट कॉलोनी में रहती हैं।
तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली शमा (8) व सलमा (7) और केजी में पढ़ने वाली सना (5) (तीनों के बदले हुए नाम) बुधवार स्कूल गई थीं। स्कूल के छठे घंटे (पीरियड) में तीनों बच्चियां टॉयलेट के लिए गईं।
बच्चियों के मुताबिक नल में पानी नहीं आ रहा था। उन्होंने पानी की तलाश की। टॉयलेट में एक केन में पानी जैसा कुछ रखा था। बच्चों ने पानी समझ कर अपने-अपने डिब्बों में उसे उड़ेल कर इस्तेमाल कर लिया।
दर्द से चिल्लाने लगीं बच्चियां
तेजाब इस्तेमाल करते ही तीनों बच्चियां दर्द से चिल्लाने लगीं। स्कूल प्रशासन को जब इसका पता चला तो उन्होंने बच्चों को कपड़े पहनाकर उनके घर के पास छोड़कर चले गए। लोगों ने पूछा तो उन्होंने बताया कि बच्चों में झगड़ा हुआ और इनको चोट लगी है।
बच्चों ने रोते हुए अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन फौरन अपने बच्चों को लेकर जीटीबी अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने बताया कि तेजाब टॉयलेट साफ करने वाला ही था, लेकिन बच्चों की त्वचा कोमल होने के कारण उनको नुकसान ज्यादा हुआ है।
घटना के बाद से परिजनों में काफी रोष है। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही की वजह से बच्चियों के साथ हादसा हुआ।
चुनाव के दौरान आया था तेजाब
परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर स्कूल प्रशासन भी मामले से अपना पल्ला झाड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव के दौरान सफाई के लिए स्कूल में तेजाब मंगाया गया था। कर्मचारियों को पता नहीं था कि केन में तेजाब रखा है।
सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। बच्चों के बयान पर पुलिस छानबीन कर रही है। उत्तर-पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छानबीन के बाद लापरवाही का मामला दर्ज किया जा सकता है।