Delhi: फर्श बाजार में युवक की हत्या का आरोपी प्रयागराज से गिरफ्तार, पहले भी कई वारदातों को दे चुका है अंजाम
आरोपी प्रयागराज में मणि पासी गैंग का सदस्य था। वह गिरोह के सदस्यों के बीच गुड्डू बंमबाज के नाम से जाना जाता था। मणि पासी गैंग के खात्मे के बाद वह दिल्ली आ गया और थाना आनंद विहार के इलाके में रहने लगा।
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दिल्ली के शाहदरा जिला स्पेशल स्टाफ ने फर्श बाजार इलाके में एक युवक की हत्या में शामिल बदमाश को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। युवक की मार्च में हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गया था। गिरफ्तार आरोपी मणि पासी गैंग इलाहाबाद उत्तर प्रदेश का सदस्य रह चुका था। वह बम बनाने में माहिर है और साल 2000 में उसने आनंद विहार में बम मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। वह काफी साल तक जेल में था। वहां से बाहर निकलने के बाद वह कूड़ा बीनने का काम करता था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 8 मार्च को फर्श बाजार के सीबीडी ग्राउंड के पास एक युवक का शव मिला। उसके शरीर पर चाकू के निशान और सिर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे और तकनीकी जांच कर 14 मार्च को फरूकाबाद के पितौरा गांव से नबी मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वारदात में उसके साथ बाबा नाम का व्यक्ति शामिल था। उसने बताया कि उसने बाबा को रेलवे स्टेशन पर ही छोड़ दिया था। उसने कहा कि बाबा पहले किसी हत्या के मामले में शामिल था। आरोपी का कोई फोन नंबर नहीं था, जिससे आरोपी का पता लगाना बहुत मुश्किल हो गया।
स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश शुरू की। पुराने मामले की छानबीन करने के बाद पुलिस ने पिटोरा के पड़ोसी थानों में बाबा की जानकारी हासिल कर आरोपी संतोष कुमार उर्फ गुड्डू बंमबाज़ को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह गुस्सैल स्वभाव का है और पहले भी कई हत्याओं में शामिल रहा है। उसने बताया कि वह बम बनाने में माहिर है। उसने साल 2000 में आनंद विहार इलाके में बम मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। वह काफी समय तक जेल में रहा।
नबी मोहम्मद उसका गुरु है। 8 मार्च में को वह नबी मोहम्मद के साथ लीला होटल के पास खड़ी एक बस में गए। जहां मोहित ने बस में बैठने पर आपत्ति जताई। इस बात पर झगड़ा होने पर उसने मोहित पर चाकू से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद वह ट्रेन से अलीगढ़ आ गए और वहां कुछ दिन आवारागर्द की तरह घूमे। फिर वह मोहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद यूपी गए और वहां एक साधु भिखारी के रूप में एक मंदिर में रहे। फिर वह गौतम बुद्ध नगर यूपी की सड़कों पर आवारागर्द बनकर रहा। उसने बताया कि वह प्रयागराज में मणि पासी गैंग का सदस्य था। गैंग में उसने हाथ से बम बनाना सीखा था। वह गिरोह के सदस्यों के बीच गुड्डू बंमबाज के नाम से जाना जाता था। मणि पासी गैंग के खात्मे के बाद वह दिल्ली आ गया और थाना आनंद विहार के इलाके में रहने लगा।