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दवा खरीद-फरोख्त में 300 करोड़ घोटाले की शिकायत पर ACB की छापेमारी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 02 Jun 2017 09:50 AM IST
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एसीबी का छापा।
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भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में 300 करोड़ के दवा खरीद घोटाले के आरोपों पर जांच शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को इसे लेकर दवाओं के तीन गोदामों पर छापेमारी की गई है।
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खरीद फरोख्त में घोटाले का आरोप दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने लगाया था। इसकी शिकायत सबूतों के साथ एलजी को दी थी। एसीबी ने एलजी के निर्देश पर अब जांच शुरू कर दी है।
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एसीबी चीफ विशेष आयुक्त मुकेश कुमार मीणा के मुताबिक अभी इस संबंध में केस दर्ज नहीं किया गया है। पहले मामले की जांच की जा रही है। घोटाले के सुबूत मिलने के बाद केस दर्ज किया जाएगा।
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उनके मुताबिक एसीबी के आधा दर्जन अधिकारियों ने दिल्ली सरकार की ओर से बनाए गए सेंटर प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) के तीन गोदामों ताहिरपुर, जनकपुरी व रघुवीर नगर स्थित गोदामों में छापेमारी की है। एसीबी जांच को छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में एक्सपायरी तिथि दवाओं के अलावा खरीद-फरोख्त के बिल जब्त किए है।
बताते चले कि एसीबी को मिली शिकायत में बताया गया है कि स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने 300 करोड़ की ऐसी दवाइयां खरीदी, जिसकी जरूरत अस्पतालों को नहीं थी। अस्पतालों ने इन दवाओं को खरीदने के लिए मना किया था। फिर भी दवाएं खरीदी गई और फिर खराब हो गई। आरोप है कि ऐसी दवाइयां खरीदी गई जो कि जल्दी ही एक्सपायर हो गई। इसका भुगतान भी आनन-फानन में कर दिया गया।
एसीबी की ओर से लगातार अलग-अलग विभागों में की जा रही छापेमारी से दिल्ली सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पहले 400 करोड़ का टैंकर घोटाला, फिर पीडब्ल्यूडी में फर्जी बिल पर भुगतान के बाद अब दवाओं के खरीद फरोख्त का मुद्दे ने फिर सरकार एसीबी के घेरे में है। सरकार में मंत्री पद से हटाए जाने केबाद कपिल मिश्रा ने दवाओं के सबूतों के साथ एलजी के पास शिकायत की थी। एलजी ने इसपर संज्ञान लेते हुए जांच करने के लिए कपिल की शिकायत को एसीबी को भेज दी थी।