अब भी योगेंद्र गुट की वजह से ‘आप’ में मची है कलह
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योगेंद्र यादव गुट के कई नेताओं को आम आदमी पार्टी (आप) से निष्कासित करने के बावजूद पार्टी और पद को लेकर गुड़गांव में विवाद बना हुआ है। योगेंद्र यादव गुट से संबंध रखने वाला एक धड़ा आज भी खुद को ‘आप’ का हिस्सा मानता है।
जबकि, नवीन जयहिंद समर्थकों का कहना है कि जो लोग योगेंद्र यादव के साथ पार्टी में आए थे, उनकी रुखसत होने के साथ ही इनका भी पार्टी से अस्तित्व समाप्त हो गया है।
बता दें कि अभी आप की गुड़गांव इकाई में उठा-पटक मची है। अरविंद केजरीवाल-नवीन जयहिंद ग्रुप लगभग पूरी तरह से पार्टी की जिला इकाई पर हावी हो चुका है। उसका मानना है कि पूर्व आईएएस अधिकारी आरसी राव, हरपाल सरीखे लोग शुरू से योगेंद्र यादव के आदमी रहे हैं।
योगेंद्र के हर कदम के साथ उनकी आस्था जुड़ी हुई है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अभय जैन ने बताया कि राव साहब योगेंद्र यादव के पिता के दोस्त रहे हैं। वह उनके संपूर्ण क्रांति दल में भी थे, योगेंद्र यादव जब आप में आए तो वे भी पार्टी में उनके साथ आ गए।
तो ये है पूरा मामला
हालांकि, आरसी राव ऐसा नहीं मानते। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने सदस्यता ग्रहण की है। आज भी वह आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक हैं।
उनका कहना है कि उनकी पहल पर ही गुड़गांव में पिछले महीने की 15 तारीख को स्वराज संवाद का आयोजन पार्टी के झंडे तले किया गया था। उन्हें आज तक पार्टी से नहीं निकाला गया है, इसलिए आज भी वह खुद को पार्टी का हिस्सा मानते हैं।
इसके साथ उन्होंने यह भी माना कि आलाकमान की ओर से कई अधिकार उनसे छीन लिए गए हैं। दूसरी ओर, विरोधी खेमा का कहना है कि राव साहब को जिला संयोजक बनाए जाने के लिए कोई चिट्ठी नहीं दी गई थी।
वह स्वयंभू जिला संयोजक हैं। अभय जैन का कहना है कि योगेंद्र यादव के साथ ही इनकी आस्था भी शिफ्ट हो गई है और ये लोग अब पार्टी में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस महीने के अंत तक प्रदेश इकाई के पुनर्गठन के बाद गुड़गांव जिले में भी संगठन को नए सिरे से गठित किया जाएगा।