Delhi: मनीष सिसोदिया के घर सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ आप कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, भाजपा के खिलाफ की नारेबाजी
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर सीबीआई छापेमारी के विरोध में आप समर्थकों ने प्रदर्शन किया। समर्थकों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी कर छापेमारी का विरोध जताया।
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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास पर सीबीआई की छापेमारी के विरोध में शनिवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। इस दौरान आप कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बता दें कि हाल ही में शराब नीति को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई ने छापेमारी की थी। मनीष सिसोदिया ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा था कि यह भाजपा की केंद्र सरकार के इशारे पर ये हुआ है, भाजपा अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता से घबरा गई है।
#WATCH | Aam Aadmi Party holds protest against BJP over CBI raid at the residence of Delhi Deputy CM Manish Sisodia pic.twitter.com/4kIVi6o3La
— ANI (@ANI) August 27, 2022विज्ञापन
यह है मामला
दरअसल एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 8 जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे। जिसमें आबकारी नीति (2021-22) बनाने और उसे लागू करने में लापरवाही बरतने के साथ ही नियमों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में गंभीर चूक के आरोप हैं। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को टेंडर के बाद लाभ पहुंचाना भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि शराब बेचने की वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आबकारी मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया ने इन प्रावधानों की अनदेखी की है।
एलजी ने पूर्व आबकारी आयुक्त समेत 11 अधिकारियों को किया निलंबित
इससे पहले दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने 7 अगस्त को आबकारी नीति में भ्रष्टाचार और नीति लागू करने में बरती गई अनियमितताओं के आरोप में 11 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। एलजी ने सतर्कता निदेशालय (डीओवी) की जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर कार्रवाई की। उन्होंने पूर्व आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्ण (आईएएस) और तत्कालीन उपायुक्त आनंद कुमार तिवारी (दानिक्स) समेत सभी आरोपियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की विजिलेंस को मंजूरी भी दी।