EVM चैलेंज में हिस्सा नहीं लेगी AAP, कहा- हैकाथॉन EC की सिर्फ प्रदर्शनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव आयोग से ईवीएम के मदर बोर्ड में बदलाव करने की इजाजत न मिलने से हैकाथॉन में शामिल होने से इंकार दिया है। वहीं, चुनाव आयोग के मौजूदा स्वरूप के हैकाथॉन को एक प्रदर्शनी करार दिया है। पार्टी का कहना है कि वह इस बारे में एक बार फिर आयोग को पत्र लिख रहे हैं।
दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने पार्टी कार्यालय में मीडिया को बताया कि आयोग की इज्जत करने के बावजूद यह कहना पड़ रहा है कि हैकाथान के नाम पर आयोग एक प्रदर्शनी करवा रहा है। चुनाव आयोग ने ईवीएम के मदर बोर्ड में बदलाव करने के इंकार किया है। बेवजह आयोग पार्टी को मशीन देने से डर रहा है। इससे पहले आप ने विधान सभा में दिखाया था कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव है। ऐसे में आयोग की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की आशंकाओं को दूर किया जाये।
दूसरी तरफ आयोग को भेजे गये पत्र में आप ने कहा है कि हैक करने वालों को ईवीएम को पूरा सिक्यूरिटी सिस्टम सौंप देना चाहिये। जिससे मशीन की गड़बड़ी पता लग सके और भविष्य की ईवीएम फुलप्रूफ हो। साथ ही हैरानी भी जताई गयी है कि लोकतंत्र का रक्षक चुनाव आयोग पता नहीं क्यों ईवीएम हैकर्स को नहीं दे रहा है।
चुनाव आयोग से मदरबोर्ड में छेड़छाड़ करने की पार्टी की पुरानी मांग खारिज होने के बाद आप ने दुबारा पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि हैकाथॉन को इंटरनेशल पैमामीटर पर कराया जाना चाहिये। अगर हैकर्स ईवीएम से छेड़छाड़ करने में नाकाम रहे तो पूरे देश को ईवीएम में भरोसा मजबूत होगा।
चुनाव आयोग के हैकाथॉन में शामिल न होने के मसले पर आम आदमी पार्टी (आप) ने सफाई दी है कि पार्टी की जगह चुनाव आयोग हैकाथॉन से पीछे हटा है। पार्टी के मुताबिक, आयोग कुछ भी करा रहा है लेकिन यह हैकाथॉन नहीं है।
सिसोदिया के मुताबिक, चुनाव आयोग ने खुद माना है कि वो हैकाथॉन नहीं करा रहा है। आयोग ने कहा है कि वह पार्टियों को खुली चुनौती दे रहा है। सिसोदिया ने बताया कि हैकाथॉन कोई जादू का शो नहीं है कि कोई आएगा 'गुली गुली पाशा करेगा और मशीन हैक हो जाएगी। '
सिसोदिया का कहना है कि इसकी जगह हैकाथॉन एक विज्ञान, तकनीक है। आयोग कह रहा है कि मशीन छू नहीं सकते, खोल नहीं सकते, जहां पर मशीनें रखी होंगी वहां कोई टूल नहीं ले जा सकते। बस हैक कर सकते हो। हालांकि, आयोग हैक शब्द की जगह ईवीएम को चैलेंज करने की बात कर रहा है। सिसोदिया ने नसीहत दी कि पहले हैकाथॉन का अर्थ समझ लो, उसके बाद कोई राय बनाओ।
चुनाव आयोग ने क्या कहा था?
चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी (आप) की ईवीएम हैकथॉन चैलेंज के तहत ईवीएम के मदरबोर्ड से छेड़छाड़ करने की मांग को खारिज कर दी है। आयोग का कहना है कि अगर ईवीएम के इंटरनल सर्किट से छेड़छाड़ की इजाजत दी जाती है, तो मशीन की वास्तविकता खत्म हो जाएगी।
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों और दिल्ली एमसीडी चुनावों में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद कई राजनीतिक पार्टियों ने ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने 3 जून से सभी पार्टियों को ईवीएम हैक चैलेंज दिया है।
आप ने आयोग से कहा था कि हैकथॉन के लिए किसी तरह की गाइडलाइन्स न हो। क्योंकि, जो भी शख्स ईवीएम हैक करने जाएगा, वो आयोग की तय नियमों और शर्तों को कैसे मान पाएगा। बता दें कि दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने 90 सेकंड में ईवीएम हैकिंग का लाइव डेमो दिया था।