'मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी नेताओं की कलह विधायक दल तक पहुंच गई है। बिजवासन से विधायक देविंदर सेहरावत ने पार्टी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सेहरावत के मुताबिक, दिल्ली इकाई के सह संयोजक दुर्गेश पाठक ने बगैर उन्हें विश्वास में लिए उनके इलाके में कार्यकर्ताओं से मीटिंग की।
इसका विरोध करते हुए सेहरावत ने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी भी लिखी है। दूसरी तरफ पार्टी का कहना है कि कार्यकर्ताओं के साथ यह रूटीन बैठक थी। इसमें विधायक को बुलाना जरूरी नहीं है।
सेहरावत के मुताबिक, विधानसभा सत्र से उनकी उपेक्षा हो रही है। सत्र के पहले दिन उन्होंने सदन में किसानों से जुड़े मसले उठाए। पार्टी के कुछ लोगों को यह बात सही नहीं लगी। दूसरे दिन उन्हें भूमि अधिग्रहण कानून के बारे में सवाल करना था, लेकिन उनके सवाल को लिस्ट ही नहीं किया गया। राष्ट्रीय परिषद की बैठक के भीतर की गतिविधियों को उन्होंने मीडिया को बता दिया। इसके बाद उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
केजरीवाल को लिखी शिकायती चिट्ठी
सहरावत ने बताया कि ताजा घटनाक्रम सोमवार का है। दुर्गेश पाठक ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। केजरीवाल को भेजी गई शिकायती चिट्ठी उन्होंने कहा है कि किसी को परेशान करने के इस तरह के तरीके पुराने पड़ गए हैं। उन्हें बदनाम करने के नए तरीकों की खोज पार्टी नेताओं को करनी चाहिए।
इस बारे में पार्टी का कहना है कि विधायकों के कामों की समीक्षा के लिए इस तरह की बैठकें नियमित तौर पर हो रही हैं। इसमें विधायक को नहीं बुलाया जाता है। सेहरावत को शायद इसकी जानकारी नहीं है।
सूत्र बता रहे हैं कि दो खेमों में बंटी पार्टी के करीब दस विधायक भी आला नेतृत्व से खुश नहीं हैं। सेहरावत के बाद इसमें दूसरा नाम पंकज पुष्कर है। योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण के अगले कदम के ऐलान के साथ ही सभी विधायक इस गुट के साथ खुले तौर पर खड़े हो सकते हैं।