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‘आप’ की चाल ने बिगाड़ी भाजपा की रणनीति
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 18 Feb 2014 10:40 AM IST
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आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों की घोषणा ने भाजपा को अपनी रणनीति पर विचार करने को मजबूर कर दिया है।
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भाजपा शुरू से पश्चिमी दिल्ली सीट से पंजाबी समाज के प्रत्याशी को तो चांदनी चौक से वैश्य समाज के प्रत्याशी पर दांव लगाती रही है। लेकिन इस बार ‘आप’ की तरफ से एक वैश्य समाज से तो दूसरे सिख समाज से प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद भाजपा सोच में पड़ गई है।
भाजपा को अब यह डर सताने लगा है कि कही इस लड़ाई में धुर विरोधी कांग्रेस को फायदा ना पहुंच जाए। शिरोमणी अकाली दल (बादल गुट) के कारण भी भाजपा उलझ गई है। क्योंकि पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से अकाली दल सिख प्रत्याशी उतारने के लिए भाजपा पर गठबंधन के तहत दबाव बना रहे है।
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अकाली इस सीट से दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे है। जबकि यहां से आम आदमी पार्टी ने सिख उम्मीदवार को टिकट देकर पहले ही अपना पत्ता खोल दिया है।
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इस स्थिति में अब भाजपा नेता इस बात को लेकर उलझ गए है कि अगर पश्चिमी दिल्ली लोकसभा से गठबंधन के तहत अकाली को सीट दी जा रही है और सिख समाज में ध्रुवीकरण हो गया तो इस सीट को जीतना बेहद ही मुश्किल होगा।
ऐसी स्थिति में पूर्वांचली मतदाता एक बार फिर कही कांग्रेस पार्टी के पूर्वांचली सांसद महाबल मिश्रा के पक्ष में न चले जाएं। लिहाजा अब भाजपा नई रणनीति पर विचार कर रही है।
उधर भाजपा कार्यकर्ता भी पार्टी पर दबाव बनाने लगे हैं कि पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट पर अकाली दल से समझौता नहीं किया जाए। क्योंकि यह समझौता भाजपा के लिए घाटे का सौदा होगा। लिहाजा अकालियों की दावेदारी पर भी पेंच फंस सकता है।
पश्चिमी दिल्ली लोकसभा में पंजाबी-सिख समुदाय का प्रतिशत
-तिलकनगर विधानसभा - 65 प्रतिशत
-हरी नगर विधानसभा- 64 प्रतिशत
-राजौरी गार्डेन विधानसभा - 35 प्रतिशत
-उत्तम नगर विधानसभा - 14 प्रतिशत
-जनकपुरी विधानसभा - 15 प्रतिशत
-मटियाला विधानसभा - 12 प्रतिशत
-नजफगढ़ विधानसभा - 5 प्रतिशत