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Delhi: इस बार सिर्फ कॉलेजों और अगले साल DUSU चुनाव में झोकेंगे ताकत, AAP के छात्र संगठन ASAP का बड़ा फैसला
Sat, 13 Sep 2025 12:19 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:19 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई एसैप ने साफ कर दिया है कि इस साल का फोकस संगठन निर्माण और कॉलेज स्तर पर मजबूती हासिल करना है।
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अरविंद केजरीवाल, AAP के राष्ट्रीय संयोजक
- फोटो : PTI
विस्तार
आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई एसैप ने इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव न लड़ने का एलान किया है। यह निर्णय एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। एसैप का मानना है कि छात्र राजनीति का मकसद सिर्फ चुनाव लड़ना या जीतना नहीं, बल्कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं को सही मंच पर उठाकर उनका समाधान करना है।
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एसैप ने साफ कर दिया है कि इस साल का फोकस संगठन निर्माण और कॉलेज स्तर पर मजबूती हासिल करना है। डूसू चुनाव में भले ही इस बार उम्मीदवार नहीं उतारेंगे, लेकिन अगले साल पूरे दमखम और ताकत के साथ छात्र संघ चुनाव में उतरने का रणनीतिक निर्णय लिया गया है।
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एसैप ने इस साल दो कॉलेजों में निर्विरोध जीत दर्ज कराकर यह साबित कर दिया है कि छात्र उन पर भरोसा करते हैं। एसैप छात्रों की असली समस्याओं को उठाती रही है। चाहे मेट्रो में छात्रों को मुफ्त यात्रा की मांग हो, हॉस्टल और लाइब्रेरी की कमी हो, या फीस का बोझ- एसैप लगातार इन मुद्दों को आवाज देती रही है। कॉलेज स्तर पर संगठन को मजबूत कर एसैप आने वाले समय में दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों की सबसे बड़ी आवाज बनने की तैयारी कर रही है।
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बता दें कि इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज (IGIPE) के छात्रसंघ चुनाव में एसैप की प्रत्याशी पलक गुप्ता और अनुरीति यादव निर्विरोध निर्वाचित हुईं। यह जीत केवल चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का गहरा विश्वास और समर्थन है, जिसे एसैप सबसे बड़ी ताकत मानकर चल रही है। एसैप कॉलेज स्तर पर और भी व्यापक अभियान चलाने जा रही है। संगठन का लक्ष्य है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के हर छात्र तक उसकी आवाज पहुंचे और उनकी समस्याओं का ठोस समाधान मिले।