योगेंद्र की 'सिफारिश' का 'आप' ने किया खुलासा
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प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में शाम चार बजे संजय सिंह, आशुतोष और आशीष खेतान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा।
संजय सिंह ने कहा कि दोनों नेताओं की पूरी प्रेस कांफ्रेंस से ऐसा लगा कि पूरी गलती हमारी है। वह लोग ऐसा दिखाना चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल और हम लोग गलत हैं और हम उनकी कोई बात मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
संजय सिंह ने कहा कि जिन पांच मुद्दों पर प्रशांत-योगेंद्र पार्टी के अंदर मतैक्य लाना चाहते हैं उनमें से एक पर संजय सिंह ने कहा कि कल तक योगेंद्र यादव खुद ही विधायकों की खरीद फरोख्त के टेप पर सवाल उठा रहे थे। लेकिन, आज उसी के जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रशांत जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम पर आरोप लगाया जा रहा है कि हम कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और हम लोग दिन रात पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, तो क्या हमें कार्यकर्ताओं के हित में नहीं हैं?
योगेंद्र यादव का पत्र किया सार्वजनिक
संजय सिंह ने कहा कि योगेंद्र यादव चाहते हैं कि पार्टी में कोई भी निर्णय लोकतांत्रिक ढंग से होना चाहिए। लेकिन उन्हीं योगेंद्र यादव ने खुद अपनी हैंड राइटिंग में नौ लोगों के नाम हमें दिए और कहा कि उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया जाए।
आंतरिक लोकतंत्र की बात करने वाले खुद ही अपने लोगों को पार्टी में शामिल करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। संजय सिंह ने यह भी कहा कि प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने का काम न करें।
संजय सिंह ने प्रेस को एक पत्र दिखाते हुए कहा कि एक दिन पहले ही योगेंद्र यादव ने इस माफी नामे पर हस्ताक्षर किया था जिसमें साफ लिखा है कि पिछले कुछ दिनों में दोनों पक्षों से कुछ गलतियां हुई हैं जिसके बारे में लिखित ढंग से सभी सार्वजनिक तौर पर माफी मांगेंगे। फिर अचानक उन्होंने प्रेस में जाकर सार्वजनिक तौर पर पार्टी के खिलाफ बयानबाजी क्यों की?