आप के इन पांच सवालों पर क्यों नहीं बोले मोदी?
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दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकने के लिए रामलीला मैदान में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी ने भाजपा और प्रधानमंत्री से पांच सवाल किए।
आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र में सरकार बनाने के सात महीने के बाद आखिर प्रधानमंत्री को दिल्ली को याद आ ही गई। जबकि इस दौरान दिल्ली के लोग महंगाई, बिजली कटौती और सांप्रदायिक तनाव को झेलते रहे।
सिसोदिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले वादा किया था कि बिजली के दामों में तीस प्रतिशत की कमी की जाएगी। सात महीने के बाद भी उस वादे पर सरकार ने क्या किया।
दिल्ली की अनियमित कॉलोनियों के बारे में भाजपा ने भी वही किया जो शीला दीक्षित सरकार ने किया था। कांग्रेस सरकार की सर्टिफिकेट देने की जगह इन्होंने उन्हें वैध करने का कदत उठाया। जबकि वहां लोगों को जनसुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं दिया।
आप के पांच सवाल
1 आखिर बिजली देने वाली कंपनी डिसकॉम का ऑडिट क्यों नहीं कराया गया?
2 आखिर हरियाणा से दिल्ली को बिना किसी बाधा के पानी मिल सके इसके लिए बीजेपी ने क्या किया?
3 एमसीडी में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बीजेपी ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया?
4 1984 के दंगों की जांच के लिए एसआईटी के गठन के मुद्दे पर आखिर अभी तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया?
5 दिल्ली की अनियमित कॉलोनियों पर अभी तक सरकार ने कोई गंभीर कदम क्यों नहीं उठाया?
बिजली की समस्या पर क्या बोली मोदी
मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस की आलोचना करने के लिए कुछ ही सेकेंड दिए जबकि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर प्रहार करते हुए कई कटाक्ष किया। हालांकि जिन छह मुद्दों को आप ने उठाया था उसमें से दो पर ही प्रधानमंत्री बोले।
प्रधानमंत्री ने सबसे पहले दिल्ली में बिजली समस्या पर बोलते हुए कहा कि बिजली सस्ती तब होगी जब बिजली होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम दिल्ली को जनरेटर से मुक्त करना चाहते हैं।
जिस तरह लोग सस्ते मोबाइल प्रोवाइडर को ही चुनते हैं और अच्छी सेवा न मिलने पर उसे बदल देती है उसी तरह हम बिजली उत्पादन के क्षेत्र में इसी तरह की प्रतिस्पर्धा लाना चाहते हैं। जिससे कि लोग सस्ती और अच्छी सेवा देने वाली कंपनी को चुन सकें।
झुग्गियों पर मोदी का रूख
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की झुग्गियों पर बड़ा सवाल खड़ा किया था। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की राजधानी में लोग सड़क पर सोएं और झुग्गियों में रहने के लिए मजबूर हों इससे शर्मनाक बात और क्या हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका सपना है कि देश की आजादी के 75वें वर्ष पर राजधानी में कोई भी सड़क पर सोने के लिए मजबूर न हो और न ही कोई झुग्गी में रहने के लिए बेबस हो।
मोदी ने कहा कि 2022 तक वह दिल्ली को झुग्गी से मुक्त करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं यह सपना पूरा करके रहूंगा।
भ्रष्टाचार पर मोदी का रूख
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हालांकि मोदी ने सीधे कुछ नहीं कहा लेनिक उन्होने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों में भ्रष्टाचार ने देश को बहुत पीछे धकेल दिया। मोदी ने कहा कि मैं जहां बैठता हूं वहीं से भ्रष्टाचार को खत्म करने की मुहिम शुरू करता हूं।
मैंने ऊपर से इसे खतम करने का काम शुरू कर दिया है। इसे मैं नीचे तक लेकर आउंगा। आम जनता को रोज ऑटो से लेकर जगह-जगह दो से पांच रूपये तक के भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है। एक दिन मैं लोगों को इस तरह के भ्रष्टाचार से भी मुक्त कराकर रहूंगा।
'महात्मा गांधी ने भी खुद को कहा था अराजक'
आप नेता योगेंद्र यादव ने पीएम मोदी के केजरीवाल को अराजक कहे जाने और नक्सलियों के साथ मिलकर काम करने के बयान को आड़े हाथों लिया है।
योगेंद्र यादव बोले कि पीएम आप की बढ़ती लोकप्रियता से नर्वस दिखाई दे रहे हैं। यादव, पीएम के किसी नेता के खुद को अराजक बोलने के सवाल पर बोले कि हां एक ऐसा नेता था।
यादव ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा कि एक ऐसा नेता था जो खुद को अराजक बोलता था और वह गुजरात से ही था। उसका नाम है महात्मा गांधी। उन्होंने समझाते हुए कहा कि गांधी जी कहते थे कि अराजकता भी कभी-कभी अच्छी होती है।