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AAP vs BJP: आप ने की उपराज्यपाल के इस्तीफे की मांग, विरोध में पूरी रात विधायक देंगे विधानसभा के अंदर धरना

Mon, 29 Aug 2022 08:58 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 29 Aug 2022 08:58 PM IST
सार

आप विधायक आज पूरी रात विधानसभा के अंदर धारना देंगे। विधायकों की मांग है कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना इस्तीफा दें। 

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AAP MLAs sit inside Delhi Assembly at night demanding resignation of LG Vinay Kumar Saxena
प्रदर्शन करते आप विधायक - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिल्ली की चुनी हुई सरकार और भाजपा के बीच की सियासी तकरार की तपिश राजनिवास तक जा पहुंची। दिल्ली विधान सभा में सत्ता पक्ष ने उपराज्यपाल पर 1,400 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मसला आप ने 2016 का बताया है, जब मौजूदा उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष थे। पार्टी विधायकों ने उपराज्याल की बर्खास्तगी व पूरे मामले की ईडी व सीबीआई जांच की मांग करते हुए सदन में हंगामा किया। इससे सोमवार  दिन भर सदन की कार्रवाई नहीं चल सकी। सदन स्थगित होने के बाद भी आप विधायक अपनी कुर्सी पर डटे रहे। उनका दावा है कि विरोध स्वरूप वह रात भर सदन में ही बैठे रहेंगे।

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दिल्ली विधान सभा में विश्वास प्रस्ताव चर चर्चा करते हुए आप विधायक दुर्गेश पाठक ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मौजूदा उपराज्यपाल ने बतौर खादी ग्रामोद्योग आयोग अध्यक्ष 1,400 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। वाकया  2016 की नोटबंदी का है। दुर्गेश पाठक के मुताबिक, नोटबंदी के दौरान मौजूदा उपराज्यपाल ने बड़े पैमाने पर पुरानी नोट बदलवाई। नोटबंदी के बाद उन्होंने काले धन को सफेद किया। इसका पूरा सिलसिला खादी ग्रामोद्योग आयोग के अंदर चला। इसे उजागर करने वाले आयोग के ही गरीब कैशियर संजीव कुमार और प्रदीप यादव थे, जिनसे जबरन यह काम करवाया गया। इनकी ब्रांच में ही 22 लाख रुपये की हेरफेर की गई। इस तरह से पूरे देश की 7,000 से करीब 1,400 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है। उन लोगों ने हर फोरम पर इसकी शिकायत की थी। बावजूद इसके जांच की अध्यक्षता खुद आरोपी ने की और दोनों शिकायतकर्ताओं को निलंबित कर दिया।

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दुर्गेश पाठक ने बताया कि उनको इस मामले से जुड़ी फाइल उनके पास तीन दिन पहले मिली है। सीबीआई में भी मामला दर्ज किया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि सीबीआई ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का नाम तक नहीं लिखा गया। न तो कोई रेड हुई, न ही पूछताछ। इनसे सब कुछ ऐसे ही छोड़ दिया। पाठक ने मांग की कि उपराज्यपाल के खिलाफ ईडी की रेड होनी चाहिए। यह मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का मामला है। वहीं, जांच चलने तक उपराज्पाल को बर्खास्त किया जाए। 

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दुर्गेश पाठक के बयान के बाद बरपा हंगामा, बार-बार स्थगित हुआ सदन
विपक्ष के मार्शल आउट होने के बाद दुर्गेश पाठक का करीब 11:55 पर सदन में बयान आया। इससे सत्ता पक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उपराज्यपाल के खिलाफ लिखे नारों की तख्तियां लेकर सभी आप विधायक नारे लगाते हुए बेल में जा धमके। इससे सदन में हंगामा होने लगा। विधान सभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली राखी बिड़लान के बार-बार कहने के बाद भी विधायक वापस नहीं गए और बेल में धरना दिया। इससे सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा। इसके बाद आप विधायकों ने परिसर में लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया।

करीब 12:35 पर जैसे ही दुबारा कार्रवाई शुरू हुआ, आप विधायकों ने दुबारा से हंगामा शुरू कर दिया। विधायक लगातार उपराज्यपाल की बर्खास्तगी और सीबीआई व ईडी जांच की मांग कर रहे थे। इससे सदन करीब 1:30 बजे तक के लिए स्थगित रहा। 1:40 पर शुरू हुई कार्रवाई भी हंगामे से भरी रही। इससे फिर आधे घंटे के लिए सदन स्थगित करना पड़ा। विधायक दुबारा महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे और धरना दिया। करीब 2:20 बजे विधान सभा दुबारा शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद  विधान सभा अध्यक्ष ने मंगलवार तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया। बावजूद इसके आप विधायक सदन से बाहर नहीं निकले। 

रात भर सदन में बैठेंगे आप विधायक
विधायकों का दावा है कि वह पूरी रात सदन में ही बैठे रहेंगे। बगैर मांग पूरी होने तक वह वापस नहीं लौटेंगे। आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने बताया कि सोमवार रात भर सभी आप विधायक सदन में ही रहेंगे। इस दौरान उपराज्पाल के भ्रष्टाचार के खिलाफ वह अपनी आवाज उठाएंगे। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर लगे आरोपों की हो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आयोग के कैशियर का बयान है कि जब उसने अपने भवन प्रबंधक से कहा कि भारत सरकार ने पुराने नोट लेने बंद कर दिए हैं तो चेयमैन के आदेश का हवाला देते हुए उसने 500-1000 के पुराने नोट जमा करने का कहना। इसके लिए दबाव भी बनाया। यही वही दौर था, जब गरीब लोग घंटों लाइन में लगकर अपने ढाई हजार रुपये रहे थे।

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