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अदालत ने आम आदमी पार्टी के विधायक सोमदत्त को छह महीने के लिए भेजा तिहाड़ जेल
Thu, 12 Sep 2019 05:26 PM IST
Prachi Priyam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Thu, 12 Sep 2019 05:26 PM IST
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सोमदत्त
- फोटो : Social Media
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आम आदमी पार्टी के विधायक सोमदत्त को दिल्ली की एक अदालत ने छह महीने के लिए तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दी गई सजा के खिलाफ सोमदत्त द्वारा दायर की गई याचिका को खारिज करते हुए गुरुवार को यह फैसला सुनाया।
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A Delhi court sends Aam Aadmi Party (AAP) MLA Som Dutt to Tihar jail for six months, dismissing his appeal against conviction by the Magistrate Court. He was earlier awarded a 6-month jail term in connection with a 2015 assault case.
— ANI (@ANI) September 12, 2019विज्ञापन
बता दें कि यह मामला जनवरी 2015 में गुलाबी बाग में हुई मारपीट से जुड़ा हुआ है, जब सोमदत्त ने संजीव राणा की बेसबॉल के बैट से पिटाई की थी। उस समय सोमदत्त विधायक नहीं थे। विधायक सोमदत्त को इससे पहले जुलाई में भी संजीव राणा को गंभीर चोटें पहुंचाने के मामले में 6 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी।
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राउज एवेन्यू अदालत ने सोमदत्त को गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी माना था। दोषी विधायक की सजा पर अदालत ने गुरुवार(4 जुलाई) को दलीलें सुनीं और इसके बाद 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी।
संजीव राणा ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि वह अपने फ्लैट में था, तभी सोमदत्त करीब 50-60 लोगों के साथ उसके दरवाजे पर पहुंचे। राणा ने बार-बार घंटी बजाने का विरोध किया था। इस बात से नाराज होकर सोमदत्त ने बेसबॉल बैट से उसके पैर पर मारना शुरू कर दिया था।
कोर्ट के समक्ष भी राणा ने कहा था कि सोमदत्त के साथ आए लोग उसे खींचकर सड़क पर ले गए और लात-घूंसे बरसाए। इसके बाद वह बेहोश हो गया। राणा के भाई ने पुलिस बुलाई और पीसीआर वैन उसे बाड़ा हिंदूराव अस्पताल लेकर गई।
दूसरी ओर, मामले में दोषी सोमदत्त का तर्क था कि राजनीतिक दुश्मनी के कारण यह मामला दर्ज कराया गया है। संजीव राणा भाजपा का सदस्य है और वह उनका टिकट कटवाना चाहता था।
वहीं राणा का कहना था कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए नहीं हैं। एक अन्य चश्मदीद गवाह सुनील ने भी संजीव के आरोपों की अपने बयान में पुष्टि की थी। अदालत ने इस बात पर गौर किया कि शिकायतकर्ता संजीव राणा की गवाही भरोसेमंद व गैरविरोधाभासी है। उनके पास सोमदत्त को फंसाने का कोई कारण नहीं है और बचाव पक्ष ने ऐसा कोई साक्ष्य भी पेश नहीं किया है।