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आप विधायक ने 100 करोड़ की संपत्तियां चहेतों को सौंपी, 36 कर्मचारियों को गलत तरीके से किया नियुक्त
Fri, 29 Mar 2019 05:25 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 29 Mar 2019 05:25 AM IST
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फाइल फोटो
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दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार को लेकर दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगे हैं। गुरुवार को नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई दस्तावेज दिखाते हुए उप-राज्यपाल से दिल्ली वक्फ बोर्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के मामलों की सीबीआई जांच की मांग की है।
उन्होंने ये भी कहा कि आप विधायक ने वक्फ बोर्ड का बे हिसाब पैसा बर्बाद किया है। आरोप है कि आप विधायक ने हाल ही में बोर्ड की कम से कम 100 करोड़ की संपत्तियां अपने चहेतों को सौंप दी। रिश्तेदार और पहचान वालों को बोर्ड में विभिन्न पदों पर तैनात कर दिया।
करीब 36 कर्मचारियों को गलत तरीके से नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2018 में विधायक को सीबीआई द्वारा विभिन्न मामलों की जांच में शामिल करने के बाद भी केजरीवाल ने उन्हें बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उस दौरान भी नजदीकी 22 रिश्तेदारों को बोर्ड में नियुक्त करने के आरोप थे।
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उन्होंने ये भी कहा कि आप विधायक ने वक्फ बोर्ड का बे हिसाब पैसा बर्बाद किया है। आरोप है कि आप विधायक ने हाल ही में बोर्ड की कम से कम 100 करोड़ की संपत्तियां अपने चहेतों को सौंप दी। रिश्तेदार और पहचान वालों को बोर्ड में विभिन्न पदों पर तैनात कर दिया।
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करीब 36 कर्मचारियों को गलत तरीके से नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2018 में विधायक को सीबीआई द्वारा विभिन्न मामलों की जांच में शामिल करने के बाद भी केजरीवाल ने उन्हें बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उस दौरान भी नजदीकी 22 रिश्तेदारों को बोर्ड में नियुक्त करने के आरोप थे।
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अब तक 21 संपत्तियों को किराये पर दी स्वीकृति
गुप्ता के अनुसार बोर्ड ने अब तक 21 संपत्तियों को किराये पर चढ़ाने के लिए स्वीकृति दी। इनमें से मात्र 13 संपत्तियों के लिए बोर्ड द्वारा समाचार पत्र में विज्ञापन छपाया गया। बाकी आठ संपत्तियों को बिना किसी प्रचार प्रसार के 17 दिसंबर 2018 को किराये पर चढ़ा दिया।
बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी सीईओ को ये फाइलें दिखाईं भी नहीं गईं। आरोप ये भी हैं कि वक्फ बोर्ड के खाते से 25 लाख रुपये से टेंट खरीदे गए जो फतेहपुरी मस्जिद में बेकार पड़े हैं।
इनकी कीमत 4 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है। सात लाख रुपये में खरीदी गई फॉगिंग मशीन का भुगतान बोर्ड से किया गया, जबकि इसका उपयोग विधायक ने अपने क्षेत्र के लिए इस्तेमाल किया।
बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी सीईओ को ये फाइलें दिखाईं भी नहीं गईं। आरोप ये भी हैं कि वक्फ बोर्ड के खाते से 25 लाख रुपये से टेंट खरीदे गए जो फतेहपुरी मस्जिद में बेकार पड़े हैं।
इनकी कीमत 4 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है। सात लाख रुपये में खरीदी गई फॉगिंग मशीन का भुगतान बोर्ड से किया गया, जबकि इसका उपयोग विधायक ने अपने क्षेत्र के लिए इस्तेमाल किया।