आप विधायक जरनैल सिंह को राहत, गिरफ्तारी रुकी
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हाईकोर्ट ने तिलक नगर विधानसभा से ‘आप’ विधायक जरनैल सिंह की गिरफ्तारी पर 9 जुलाई तक रोक बढ़ा दी है। अदालत ने एक बार फिर पुलिस के उस तर्क को खारिज कर दिया कि विधायक प्रभावशाली हैं और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करनी है।
जरनैल सिंह पर नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता से मारपीट करने का आरोप है। वहीं पुलिस ने विधायक के खिलाफ सरकारी दस्तावेज को नष्ट करने की धारा भी जोड़ दी है।
न्यायमूर्ति सुनीता गुप्ता के समक्ष अतिरिक्त सालिसिटर जनरल संजय जैन ने आरोप लगाया कि अदालत के आदेश के बावजूद विधायक जांच में सहयोग नहीं कर रहे। उन्होंने अभी तक तोड़फोड़ संबंधी दस्तावेज वापस नहीं किए हैं।
इतना ही नहीं शिकायतकर्ता जेई द्वारा पुलिस को जांच में सहयोग न करने के मुद्दे पर भी आरोप जरनैल सिंह पर जड़ दिया। उन्होंने कहा कि जरनैल सिंह विधायक है और उसी के दबाव में शिकायतकर्ता एमएलसी के लिए अस्पताल नहीं जा रहा।
'मोबाइल जांच के लिए एफसीएल भेजें'
विधायक के वकील एचएस फुलका ने सभी आरोप बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने स्वयं 7, 9 और 14 मई को थाने में पेश होकर जांच में सहयोग किया है।
अपना मोबाइल भी जांच अधिकारी को दे दिया है। जब उनके मुवक्किल के पास तोड़फोड़ संबंधी आदेश की प्रति है ही नहीं तो
वह कैसे वापस दे सकता है। इसके बाद बाद कोर्ट ने जांच अधिकारी से कहा कि तीन दिन में मोबाइल को जांच के लिए एफसीएल में भेजे।
यदि पुलिस महसूस करती है कि शिकायतकर्ता को खतरा है तो उसे पुलिस सुरक्षा दी जा सकती है। कोर्ट ने जरनैल सिंह को यह निर्देश दिया कि वे बिना अदालत की इजाजत बिना दिल्ली से बाहर नहीं जाएंगे।
यह है मामला- 28 अप्रैल को एमसीडी का दस्ता कृष्णा पार्क क्षेत्र में अवैध निर्माण को तोड़ने पहुंचा था। संपत्ति मालिक ने इसी दौरान क्षेत्र के विधायक जरनैल सिंह को बुलाया।
घटनास्थल पर काफी भीड़ जमा हो गई व कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी और भाग गए। पुलिस ने जेई की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया था।