अभी नहीं मिलेगी दिल्लीवासियों को भारी ट्रैफिक चालान से छूट, करना होगा और इंतजार
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वाहनों के भारी चालान से दिल्लीवासियों को फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं है। संशोधित मोटर वाहन अधिनियम में किसी तरह की छूट देने से दिल्ली सरकार ने इनकार किया है। सरकार ने कहा है कि मोटर वाहन अधिनियम में कुल 61 आफेंस है, जिनमें से 27 मामलों में ही प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर सकती। 34 मामलों में कंपाउंड राशि में छूट मिल सकती है। हालांकि इसके लिए भी दिल्ली सरकार अन्य राज्यों की अधिसूचना देखने के बाद ही कुछ कहने की स्थिति में है।
आप सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली सचिवालय में बुधवार को आयोजित प्रेस कांन्फ्रेंस में कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग से काफी चर्चा हुई है। उनसे पूछा गया कि भारी चालान में कमी करेंगे या नहीं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के रुझान सामने आने के बाद ही कुछ जरूरी फैसला लिया जाएगा।
दिल्ली सरकार को किसी स्टेज पर लगा कि कम करना है तो हम करेंगे। रोड सेफ्टी को लेकर दिल्ली सरकार काफी गंभीर है। अगर हम दूसरे राज्यों के नोटिफिकेशन पर सहमत हो जाए तो करेंगे। गहलोत से पूछा गया कि चालान को लेकर दिल्ली सरकार कब तक अधिसूचना जारी करेगी, क्योंकि लोगों को अदालत का चक्कर लगाना पड़ रहा है। चालान कैश में नहीं लिए जा रहे है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अभी इसका अध्ययन कर रहे है।
अब बस डिपो में भी वाहन प्रदूषण की जांच करा सकेंगे
प्रदूषण जांच केंद्रों पर वाहनों की भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली सरकार ने दो निर्णय लिए है। इनमें एक जो पहले से चल रहे प्रदूषण जांच केंद्रों में सर्वर में आ रही परेशानी को देखते हुए उसका सर्वर अपडेट कर दिया गया है। दूसरा डीटीसी के सभी डिपो /टर्मिनल में भी अब वाहन चालक प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र ले सकते हैं। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि डीटीसी टर्मिनल में बसों के लिए बने प्रदूषण जांच केंद्रों में सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक वाहन चालक जांच प्रमाण पत्र ले सकते हैं।
कहां है ये टर्मिनल
बीबीएम, जीटीके, नरेला, रोहिणी डिपो-1, 3, 4, सुभाष प्लेस डिपो, नागलोई, वसंत विहार, सरोजनी नगर, अंबेडकर नगर, तेहखंड, कालकाजी, सुखदेव विहार, श्रीनिवासपुरी, हंसपुर, गाजीपुर, शादीपुर, नारायणा, हरी नगर-2, केशवपुर, द्वारका सेक्टर 2 व 8, पीरागढ़ी, बवाना, इंद्रप्रस्थ, घुम्मनहेड़ा, दिचाऊकला, राजघाट-2, ईस्ट विनोद नगर, कंझावला, राजघाट-1, रोहिणी-2, हरी नगर, नंद नगरी, वजीरपुर, मायापुरी, महरौली, मंगोलपुरी, नजफगढ़, हौज खास और नेहरू प्लेस टर्मिनल।
प्रदूषण जांच कराने वालों का आंकड़ा बढ़ा
1 सितंबर के पहले प्रतिदिन दिल्ली में 15 हजार के करीब लोग प्रदूषण जांच केंद्र पर पहुंचते थे। अब यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार तक पहुंच गया है। औसतन 2200 वाहन एक केंद्र पर जांच कराने पहुंच रहे है।
छह हजार वाहन प्रति घंटा जांच करा सकेंगे
परिवहन मंत्री के कहा कि सर्वार अपडेट होने के बाद अब प्रति घंटा 6 हजार वाहनों की प्रदूषण जांच संभव हो सकेगी। पहले एक घंटा में 3200 वाहनों की ही जांच हो पाती थी। पिछले दस दिनों में 941 केंद्रों पर सुबह 7 बजे से 10 बजे तक वाहनों को सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे है। परिवहन विभाग प्रदूषण केंद्रों पर सिविल डिफेंस के कर्मियों को भी तैनात करेगा।
ज्यादा प्रदूषण केंद्र खोलने के लिए आवेदन मांगे
वाहनों की संख्या को देखते हुए ज्यादा प्रदूषण केंद्र खोलने के लिए सरकार ने आवेदन मांगे हैं। 73 लाख वाहन फिलहाल सड़कों पर दौड़ रहे है। पंद्रह साल से अधिक वाले वाहनों को इसमें जोड़ दिया जाए तो कुल 1 करोड़ 10 लाख वाहन दिल्ली में रजिस्टर है। परिवहन मंत्री ने बताया कि कुछ जांच केंद्रों पर अनियमितता भी पाई गई। इनमें से दो केंद्रों को सस्पेंड कर दिया गया है।
कहां से सबसे अधिक भीड़
गणपति फिलिंग स्टेशन मंगोलपुर में सबसे अधिक 2731 वाहनों की जांच की जा रही है। इसी तरह सक्षम मोटर स्टेशन हरीनगर में 2518, सरिता सर्विस सेंटर सरिता विहार 2361, जय साईं मोटर्र ओखला 2339 वाहन प्रदूषण जांच के लिए प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।