AAP ने MAX का पक्ष लेने पर भाजपा को आडे़ हाथ लिया, कह दीं ये कड़वी बातें
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आम आदमी पार्टी ने लाइसेंस रद्द करने के मामले में मैक्स अस्पताल का पक्ष लेने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों के हित में दिल्ली सरकार ने कड़ा फैसला लिया है।
मनोज तिवारी स्पष्ट करें कि अस्पताल से हमदर्दी क्यों है, उस मां से क्यों नहीं जिसने अपने बच्चों को खोया है। आप ने स्पष्ट कर दिया कि इलाज में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई।
आप के प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अस्पताल के स्टाफ व डॉक्टरों से सरकार की कोई लड़ाई नहीं है। तीन साल में किसी भी प्राइवेट अस्पताल की स्वायत्तता में दिल्ली सरकार ने हस्तक्षेप नही किया।
मैक्स अस्पताल ने जीवित बच्चे को शव के तौर पर पैक कर दिया। यह छोटा मामला नहीं है। इसके अलावा मैक्स में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। ईडब्ल्यूएस के मरीजों के इलाज में भी मैक्स के खिलाफ शिकायत मिली।
वहीं सरकार ने मैक्स को डेंगू, चिकनगुनिया से निपटने के लिए बेड बढ़ाने व सही इलाज के निर्देश दिए। लेकिन, अस्पताल प्रशासन ने सही काम नहीं किया। इन अस्पतालों को सस्ती दरों पर भूमि मिली है, और उसकी शर्तों पर उन्हें गरीब मरीजों को निशुल्क इलाज देना होगा।
दिल्ली सरकार की लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेही है, उसमें लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। गोपाल राय ने स्पष्ट कर दिया कि जो प्राइवेट अस्पताल अच्छा काम कर रहे हैं, सरकार उनके साथ खड़ी है। अगर कोई अमानवीय कृत्य करता है तो उसके खिलाफ सख्ती की जाएगी।
डीएमए को समस्या है तो बात करे
डीएमए के स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प करने की चेतावनी पर उन्होंने कहा एसोसिएशन को तय करना है कि वे सही कि साथ है या गलत के। एसोसिएशन सही काम करे तो उसकी भी गरिमा बची रहेगी।
दिल्ली सरकार डॉक्टर या स्टाफ के खिलाफ नहीं है। डीएमए को भी ये सोचना होगा कि अस्पताल जो कर रहे हैं, क्या वो ठीक है। यदि कोई समस्या है तो वे बात करें, हम समाधान करेंगे।
‘भाजपा नेताओं का बयान दुर्भाग्यपूर्ण’
गोपाल राय ने कहा भाजपा के लोग अस्पताल के समक्ष पुतले जलवा रहे हैं। वहीं मैक्स के लाइसेंस को रद्द करने के निर्णय को गलत बता रहे हैं। वे बताएं कि एक उस मां का दर्द ज्यादा है जिसने अपने बच्चों को खोया है या फिर गलत काम करने वाला अस्पताल प्रशासन। उन्होंने कहा यह शर्मनाक है कि वे इस घटना को छोटी सी घटना बता रहे हैं।
बीएलके के खिलाफ जांच शुरू
गोपाल राय ने कहा बीएलके अस्पताल प्रशासन ने सात लाख रुपये अदा न करने पर शव देने से इनकार कर दिया। यह तथ्य सरकार के संज्ञान में आया है। जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच के बाद अस्पताल पर कार्रवाई होगी।