फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AAP Infighting increases

थमा नहीं बढ़ गया है AAP में शह-मात का खेल

Thu, 19 Mar 2015 02:25 PM IST
Updated Thu, 19 Mar 2015 02:25 PM IST
विज्ञापन
AAP Infighting increases

आम आदमी पार्टी (आप) में सतह पर बेशक सुलह-समझौते की कोशिशें चल रही हैं। लेकिन अंदरखाने शह-मात का सियासी खेल चल रहा है। दोनों गुट दमदारी से अपनी चाल चल रहे हैं। नजर राष्ट्रीय परिषद की बैठक पर है।

विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो मंगलवार रात राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के फैसले भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं। इनके जरिये टीम केजरीवाल की कोशिश राष्ट्रीय परिषद में विरोधी गुट पर बढ़त हासिल करने की है।
विज्ञापन


दरअसल, पीएसी से निकाले जाने के बाद योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण खेमा कार्यकर्ताओं से सीधी बात कर रहा है। इसमें आम कार्यकर्ताओं की दुखती रग दबाई जाती है। सीधा सवाल यही होता है कि पार्टी फिलहाल उनसे संवाद कर रही है या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार को अरविंद केजरीवाल को भेजी गई चिट्ठी में योगेंद्र और प्रशांत भूषण ने एक बार फिर दोहराया है कि पार्टी में कार्यकर्ताओं को सम्मान मिले। दूसरे राज्यों में पार्टी विस्तार व पारदर्शिता की बात कही है।

पीएसी के फैसले भी इसी खेल का हिस्सा

AAP Infighting increases

दिल्ली से बाहर के राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का सियासी वजूद अपने राज्य में पार्टी के विस्तार पर निर्भर है। सूत्र बताते हैं कि योगेंद्र यादव की नाराजगी की नींव भी हरियाणा चुनाव न लड़ने पर पड़ी। महाराष्ट्र के आप नेता मयंक गांधी के गुस्से को इसी नजर से देखा जा रहा है।

सवाल केजरीवाल के फैसले के जायज-नाजायज होने पर रहता है। इस मसले पर भी टीम केजरीवाल बैकफुट पर दिख रही थी। एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पीएसी के दो बड़े फैसले इन मसलों को ढीला करेंगे।

कार्यकर्ताओं से बातचीत करने के लिए बनने वाली कमेटी उनकी नाराजगी दूर करने में मददगार होगी। वहीं, मिशन विस्तार से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के घाव पर मरहम लगेगा। खास बात यह कि राज्य विशेष में चुनाव लड़ने का फैसला उस राज्य की कमेटी को करना है। इससे पार्टी के हारने पर केजरीवाल के नेतृत्व पर भी सवाल नहीं उठेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed